लखनपुर/ प्रिंस सोनी: लखनपुर नगर में मतदाता सूची से 75 से अधिक लोगों के नाम विलोपित करने के लिए कथित रूप से फॉर्म-7 भरने का मामला सामने आने के बाद सियासी और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। मामले को गंभीर बताते हुए कांग्रेस कमेटी, मुस्लिम समुदाय और भाजपा के बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) ने संयुक्त रूप से थाने पहुंचकर दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

बताया जा रहा है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद नगर पंचायत क्षेत्र में कई पीढ़ियों से निवास कर रहे विशेष समुदाय के 75 से अधिक मतदाताओं के नाम हटाने के उद्देश्य से फॉर्म-7 जमा किए गए। हालांकि अंतिम प्रकाशन में किसी भी मतदाता का नाम सूची से नहीं काटा गया है, फिर भी इस पूरे घटनाक्रम को दुर्भावनापूर्ण और षड्यंत्रपूर्वक की गई कार्रवाई बताया जा रहा है।शुक्रवार दोपहर लगभग 2:30 बजे कांग्रेस पदाधिकारियों, मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधियों तथा भाजपा बीएलए ने थाना प्रभारी को आवेदन सौंपकर मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। आवेदन में उल्लेख किया गया है कि केवल दो व्यक्तियों द्वारा चयनित रूप से एक विशेष समुदाय के मतदाताओं के नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 भरे गए, जो गंभीर और आपत्तिजनक है।

ज्ञापन सौंपने के दौरान अंजुमन गोसिया कमेटी के सदर हाजी मोहम्मद इदरीश खान, कांग्रेस मंडल अध्यक्ष रमेश जायसवाल, जगरोपण यादव, सूरज सिंह पैकरा, पार्षद बबलू मझवार, बीएलए अशफाक खान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और मुस्लिम समुदाय के लोग उपस्थित रहे।

कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष का आरोप

कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष अमित सिंह देव ने कहा कि नगर में पीढ़ियों से रह रहे लोगों को अन्यत्र निवासरत या मृत दर्शाकर उनके नाम काटने का प्रयास किया गया। उन्होंने प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि अंतिम मतदाता सूची में सभी के नाम सुरक्षित हैं, लेकिन इस तरह का कृत्य लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने वाला है। उन्होंने दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।

भाजपा बीएलए ने फर्जी हस्ताक्षर का लगाया आरोप

भाजपा बीएलए महमूद खान ने आरोप लगाया कि उनके फर्जी हस्ताक्षर कर फॉर्म-7 जमा किए गए, जो पूरी तरह गलत है। उन्होंने इसे गंभीर अपराध बताते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

भाजपा पार्षद ने भी जताई आपत्ति

भाजपा पार्षद समीम खान ने बताया कि उनकी पत्नी, वार्ड क्रमांक 6 की पूर्व पार्षद आसमा बेगम सहित उनके परिवार के छह सदस्यों और अन्य मुस्लिम समुदाय के लोगों के नाम हटाने के लिए फॉर्म भरे गए थे। उन्होंने इसे दुर्भावनापूर्ण और सुनियोजित साजिश करार दिया है।मुस्लिम समुदाय ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा और न्यायालय की शरण ली जाएगी। फिलहाल पुलिस प्रशासन की ओर से जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

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