


अंबिकापुर: सरगुजा जिले में साइबर ठगी के एक संगठित गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में थाना गांधीनगर एवं साइबर सेल की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस प्रकरण में पुलिस अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
जानकारी के अनुसार सुजीत मंडल निवासी सकालो, थाना गांधीनगर ने 16 नवंबर 2025 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 1 नवंबर 2025 को उसकी दुकान “काली माई च्वाइस सेंटर” में एक युवक आया, जिसने अपना नाम अनीश गिरी निवासी बरवल, चम्पारण (बिहार) बताया। युवक ने खुद को सब्जी व्यापारी बताते हुए बैंक खाते में तकनीकी समस्या का हवाला दिया और झांसा देकर एक लाख रुपये प्रार्थी के खाते में ट्रांसफर करवाए। इसके बाद प्रार्थी से नगद एक लाख रुपये ले लिए। बाद में पता चला कि ट्रांसफर की गई रकम अपराध से संबंधित थी, जिससे प्रार्थी का बैंक खाता ब्लॉक हो गया और उसे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।प्रार्थी की शिकायत पर थाना गांधीनगर में अपराध क्रमांक 649/25 धारा 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने पहले सद्दाम अंसारी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने बताया कि वह अपने साथियों अनीस गिरी व अन्य के साथ मिलकर विभिन्न खातों में ठगी की रकम मंगवाकर नगद निकासी करता था और कमीशन लेता था।
पुलिस ने आगे की कार्रवाई में अनीस गिरी और वर्षा सिंह पोर्ते को भी गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा। वहीं दुकान पर खुद को अनीश गिरी बताने वाले आरोपी की पहचान अनूप कुमार चौबे (30 वर्ष), निवासी केतात रेहला, जिला पलामू (झारखंड), हाल मुकाम अंबिकापुर के रूप में हुई। आरोपी आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ पूर्व में भी मामले दर्ज हैं। उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल जब्त किया गया है।पुलिस के अनुसार, आरोपी आपराधिक सिंडीकेट बनाकर ठगी की रकम को विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर नगद निकालते थे और कमीशन के रूप में राशि प्राप्त करते थे। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है।
पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कुमार द्विवेदी, साइबर सेल प्रभारी एएसआई अजीत मिश्रा सहित पुलिस टीम की सक्रिय भूमिका रही।
































