


बलरामपुर। बलरामपुर जिले के थाना शंकरगढ़ पुलिस ने मवेशियों के साथ क्रूरता एवं अवैध परिवहन करने वाले पाँच आरोपियों को गिरफ्तार कर 10 नग मवेशियों को सुरक्षित जब्त किया है। पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा
जानकारी के अनुसार दिनांक 03 फरवरी 2026 को हिंदू युवा मंच के कार्यकर्ताओं द्वारा थाना शंकरगढ़ में सूचना दी गई कि कुछ व्यक्ति मवेशियों को मारते-पीटते हुए भागवतपुर की ओर ले जा रहे हैं। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुँची, जहाँ भागवतपुर मोड़ के पास कुछ लोग मवेशियों को निर्दयतापूर्वक हांकते हुए ले जाते पाए गए।पुलिस एवं ग्रामीणों द्वारा पूछताछ करने पर आरोपियों ने स्वयं को कुसमी का निवासी बताते हुए मवेशियों को घरेलू कार्य हेतु ले जाना बताया। जब मवेशियों की खरीदी-बिक्री से संबंधित वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया, तो आरोपी कोई भी कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके। इस दौरान कुछ आरोपी मौके से भागने का प्रयास करने लगे, जिन्हें पुलिस स्टाफ एवं ग्रामीणों की सहायता से घेराबंदी कर पकड़ा गया।
कड़ी पूछताछ में आरोपियों द्वारा मवेशियों को कटिंग के उद्देश्य से ले जाना स्वीकार किया गया। मौके पर धारा 94 बीएनएसएस के अंतर्गत नोटिस देकर दस्तावेज मांगे गए, जो प्रस्तुत नहीं किए गए। इसके पश्चात आरोपियों के कब्जे से 10 नग मवेशियों को जब्त किया गया।इस संबंध में थाना शंकरगढ़ में अपराध क्रमांक 19/2026 धारा छत्तीसगढ़ कृषक पशु संरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 एवं पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11(1)(घ) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया गया।
पुलिस ने आरोपी विजय मिंज (35 वर्ष), पिता कोरलेनयस मिंज,वीरेंद्र तिर्की (45 वर्ष), पिता इसहाक तिर्की,रोहित तिर्की (30 वर्ष), पिता जोसेफ तिर्की समित तिर्की (25 वर्ष), पिता दिलीप तिर्की सभी निवासी ग्राम उचडीह, थाना रायडीह, जिला गुमला, झारखंड,करमा उरांव (55 वर्ष), पिता जीता उरांव, निवासी मलई, थाना पालकोट, जिला गुमला, झारखंड को प्रकरण में गवाहों के कथन, घटना स्थल निरीक्षण एवं जब्ती पंचनामा के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध अपराध प्रमाणित पाए जाने पर उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।































