


बलरामपुर/राजपुर।भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय द्वारा संचालित “राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान ” योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य के विभिन्न जिलों के जनपद पंचायतों के अध्यक्षों एवं उपाध्यक्षों का पांच दिवसीय प्रशिक्षण-सह-अध्ययन भ्रमण (एक्सपोज़र) गुजरात राज्य में आयोजित किया गया।यह भ्रमण 29 जनवरी से 3 फरवरी 2026 तक चला। प्रतिभागी गुजरात राज्य की ग्राम पंचायतों, जनपद पंचायतों एवं जिला पंचायत द्वारा किए गए नवाचारों, प्रयोगो एवं प्रभावी विकास कार्यों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। 4 फरवरी 2026 को टीम की गुजरात से छत्तीसगढ़ वापसी निर्धारित है।
भ्रमण के दौरान सर्वप्रथम राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड, ग्रामीण क्षेत्रों से किए जा रहे दुग्ध कलेक्शन की प्रक्रिया तथा कृषकों की भूमिका एवं आणंद ज़िले में स्थित अमूल डेयरी का अवलोकन किया गया। इसके पश्चात वडोदरा ज़िले की दुमाड़ ग्राम पंचायत का अध्ययन भ्रमण किया गया, जहाँ विशेष रूप से ऑन-सोर्स रेवेन्यू (स्वयं के राजस्व स्रोत) के अंतर्गत संपत्ति कर वसूली की प्रक्रिया, प्रकाश कर, जल कर, व्यवसाय कर, सेवा शुल्क तथा सी.एस.आर.फंड के प्रभावी उपयोग से ग्राम पंचायत द्वारा किए गए विविध विकास कार्यों के माध्यम से पूरे गाँव का कायाकल्प किए जाने का सफल मॉडल देखने को मिला तथा ग्राम पंचायत द्वारा सतत विकास के लक्ष्यो को तय सीमा में प्राप्त करने का ब्लूप्रिंट और इस ब्लूप्रिंट को प्राप्त करने की प्रक्रिया का गहन विश्लेषण एवं अध्ययन किया गया। दुमाड़ ग्राम पंचायत द्वारा महिला सशक्तिकरण के लिए किए गए विशेष प्रयासों का अध्ययन कर मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र एवं स्वयं के स्रोतों से प्राप्त आय से संचालित योजना एवं स्कूल की व्यवस्था का गहन अध्ययन किया गया। देवभूमि द्वारिका ज़िले द्वारा छत्तीसगढ़ टीम का विशेष गुजराती संस्कृति एवं परंपराओं के तहत भावस्वागत किया गया। देवभूमि द्वारिका ज़िले के भ्रमण के अंतर्गत दो ग्राम पंचायतों- नागेश्वर ग्राम पंचायत एवं गोरियाली ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों एवं ग्राम सभा सदस्यों से छत्तीसगढ़ से आए प्रतिनिधियों से चर्चा कराई गई। यहाँ ग्राम पंचायतों द्वारा राजस्व संग्रह की व्यवस्था, उसके सुनियोजित उपयोग, तथा ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) में लाइन विभाग की योजनाओं एवं 15वें वित्त आयोग की अनुदान राशि के प्रभावी उपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अभिसरण के माध्यम से किया जा रहे कार्यों पर विशेष चर्चा की गई, साथ ही, पंचायत एडवांसमेंट इंडेक्स (PAI) में ग्राम पंचायतों के ग्रेड को कैसे बेहतर बनाया जाए, ताकि गाँवों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके ताकि सतत विकास के लक्ष्य को निर्धारित समय सीमा में प्राप्त किया जा सके, इस पूरी व्यवस्था के सशक्त मॉनिटरिंग तंत्र का भी गहन अवलोकन किया गया साथ ही गुजरात सरकार द्वारा ग्राम पंचायत को सौंप गई ऑनलाइन 28 प्रकार की सेवाएं पंचायत द्वारा सुगमता पूर्वक प्रदान किए जाने वाली प्रक्रिया का भी गहन विश्लेषण किया गया।
भ्रमण के दौरान जनपद पंचायत का अध्यन भ्रमण कर जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी की अध्यक्षता में एक विस्तृत बैठक आयोजित की गई, जिसमें ग्राम पंचायत एवं जनपद पंचायत विकास योजना निर्माण की कार्यप्रणाली से संबंधित परस्पर संवाद हुआ तथा ग्राम पंचायत के बीच लाइन विभाग का समन्वय स्थापित करने हेतु इस बैठक से टीम को व्यवहारिक एवं उपयोगी जानकारियाँ प्राप्त हुईं।
प्रशिक्षण-सह-अध्ययन भ्रमण अंतिम दिन जिला पंचायत में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एबी पोनदोर (आईएएस) के साथ जिला पंचायत में पंचायत विकास सूचकांक पर आधारित 09 थीम आधारित जिला पंचायत विकास योजना निर्माण की प्रक्रिया एवं लाइन विभाग की भूमिका पर विशेष चर्चा की गई तथा जिला पंचायत विकास योजना निर्माण में जनप्रतिनिधियों की भूमिका एवं सामान्य सभा में अनुमोदन की कार्यवाही, सामान्य सभा में लाइन विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों की उपस्थिति एवं विभागीय योजनाओं की प्रस्तुति का अध्ययन किया गया तथा जिला पंचायत देव भूमि द्वारिका में छत्तीसगढ़ से आए प्रतिनिधियों को गुजरात सरकार द्वारा स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया तथा पांच दिवसी प्रशिक्षण सह अध्ययन भ्रमण का समापन किया गया।
छत्तीसगढ़ राज्य से यह अध्ययन भ्रमण पंचायत संचालनालय एवं ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान निमोरा द्वारा आयोजित किया गया है, जिसमें राज्य के नोडल अधिकारी डॉ अशोक जायसवाल, संकाय सदस्य द्वारा पूरी टीम के मार्गदर्शक के रुप में रहे तथा गुजरात राज्य में इस पूरे आयोजन का समन्वय राज्य ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान, अहमदाबाद के विशेष नियामक (आई.ए.एस.) के मार्गदर्शन में तथा स्टेट नोडल अधिकारी नीला पटेल के कुशल नेतृत्व में संपादित किया गया ।इस छत्तीसगढ़ राज्य की टीम को गुजरात में स्टेट कंसल्टेंट हरेशकुमार खडोदरा द्वारा प्रभावी रूप से फेसिलिटेट किया गया है। छत्तीसगढ़ के जनप्रतिनिधियों के द्वारा गुजरात सरकार एवं उनके प्रमुख अधिकारियों का फीडबैक एवं धन्यवाद ज्ञापन किया गया।































