


सूरजपुर: कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी प्रतापपुर द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन के आधार पर शासकीय प्राथमिक पाठशाला मुस्लमानपारा, प्रतापपुर में पदस्थ प्रधान पाठक सुशील कुमार कौशिक के विरुद्ध लगे गंभीर आरोपों को प्रमाणित पाया गया है।जांच में संकुल प्राचार्य एवं घटना के समय उपस्थित प्रत्यक्षदर्शी शिक्षकों के बयानों के आधार पर यह सिद्ध हुआ कि 21 नवंबर 2024 को कौशिक नशे की हालत में बंदूक लेकर शासकीय हाई स्कूल बरबसपुर पहुंचे थे। स्वयं श्री कौशिक द्वारा घटना स्वीकार किए जाने के कारण आरोप प्रमाणित माने गए।
विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी प्रतापपुर के विभागीय जांच प्रतिवेदन के अनुसार, घटना में प्रयुक्त बंदूक को जब्त कर थाना प्रतापपुर में पुलिस अभिरक्षा में सुरक्षित रखा गया है। जांच में यह भी सामने आया कि श्री कौशिक द्वारा अवकाश के दौरान भी नशे की हालत में विद्यालय आने तथा बंदूक से जान से मारने की धमकी देने की घटनाएं हुई हैं।जांच प्रतिवेदन में स्पष्ट किया गया है कि इस प्रकार का आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-03 के प्रतिकूल है। विद्यालय परिसर में बंदूक लेकर आने से बच्चों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों में भय का वातावरण निर्मित हुआ, जिसे गंभीर कदाचार की श्रेणी में रखा गया है।
सभी आरोप पूर्णतः प्रमाणित पाए जाने पर अपचारी शिक्षक सुशील कुमार कौशिक को दीर्घ शास्ति के रूप में तीन वार्षिक वेतनवृद्धि संचयी प्रभाव से अवरुद्ध की गई है। साथ ही उन्हें निलंबन से बहाल करते हुए शासकीय प्राथमिक विद्यालय गरजापारा, टमकी, विकासखण्ड ओड़गी, जिला सूरजपुर में पदस्थ किया गया है। निलंबन अवधि को जीवन निर्वाह भत्ता तक सीमित रखने के आदेश दिए गए हैं।































