मध्य प्रदेश : पुलिस अब पुलिसकर्मियों को आधुनिक तकनीक से प्रशिक्षित करने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। MP पुलिस वर्चुअल ट्रेनिंग के तहत फायरिंग और ड्राइविंग की ट्रेनिंग वर्चुअल सिम्युलेटर के माध्यम से दी जाएगी। इसकी शुरुआत पुलिस ट्रेनिंग अकादमी उज्जैन से की जाएगी, जिसके लिए पुलिस मुख्यालय ने टेंडर भी जारी कर दिया है।

ड्राइविंग और फायरिंग की हाईटेक तैयारी

अब तक पुलिसकर्मियों को ड्राइविंग ट्रेनिंग के लिए वास्तविक वाहनों का इस्तेमाल करना पड़ता था, जिससे डीजल पर काफी खर्च आता था। नई व्यवस्था में शुरुआती और अहम चरणों में वर्चुअल ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके बाद फिजिकल ट्रेनिंग भी कराई जाएगी। फायरिंग के लिए भी पुलिसकर्मियों को रेंज पर जाने की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि उन्हें वर्चुअल सिम्युलेटर से अभ्यास कराया जाएगा। इससे समय और संसाधनों की बड़ी बचत होगी।

पहले से मिल चुके हैं सकारात्मक परिणाम

पुलिस अधिकारियों के अनुसार देश के कई राज्यों में वर्चुअल ट्रेनिंग सफल रही है। आमतौर पर एक पुलिसकर्मी को ट्रेनिंग में करीब 100 बुलेट दी जाती है, जिसकी कीमत लगभग 25 रुपये प्रति बुलेट होती है। ऐसे में MP पुलिस वर्चुअल ट्रेनिंग से बड़ी मात्रा में बुलेट की बचत संभव होगी। हर साल हजारों पुलिसकर्मियों को फायरिंग टेस्ट देना होता है, और वर्चुअल ट्रेनिंग पहले से कई जिलों में सफल रही है।

बुलेट और डीजल की गड़बड़ियों पर लगेगी लगाम

नई प्रणाली से बुलेट और डीजल से जुड़ी गड़बड़ियों पर भी रोक लगेगी। पहले बुलेट की गणना में गलतियां होती थीं, लेकिन वर्चुअल ट्रेनिंग से यह समस्या खत्म होगी। इसके अलावा डीजल खर्च में होने वाली अनियमितताओं पर भी नियंत्रण रहेगा।

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