रायपुर: CGMSC (छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉरपोरेशन) घोटाला प्रकरण में एंटी करप्शन ब्यूरो को बड़ी सफलता मिली है। ब्यूरो ने डायसिस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, नवी मुंबई के मार्केटिंग हेड कुंजल शर्मा को गिरफ्तार किया है। आरोपी को 21 जनवरी 2026 को गिरफ्तार कर 22 जनवरी को विशेष न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम), रायपुर में पेश किया गया, जहां से उसे 27 जनवरी 2026 तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।

ब्यूरो में दर्ज अपराध क्रमांक 05/2025 के तहत आरोपी के खिलाफ धारा 409, 467, 468, 471, 120(बी) भादवि एवं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की गंभीर धाराओं में मामला पंजीबद्ध है। विवेचना में सामने आया है कि मेडिकल उपकरणों के रिएजेंट्स और कंज्यूमेबल्स के लिए डायसिस कंपनी द्वारा निर्धारित एमआरपी के बावजूद आरोपी कुंजल शर्मा ने कंपनी की पॉलिसी को दरकिनार करते हुए शशांक चोपड़ा के साथ मिलकर षड्यंत्र रचा।

जांच में खुलासा हुआ है कि मोक्षित कॉरपोरेशन को अनुचित लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से CGMSC को तय एमआरपी से कहीं अधिक दरों पर रिएजेंट्स एवं कंज्यूमेबल्स की दरें और शर्तें अनधिकृत रूप से भेजी गईं। इसके चलते CGMSC ने निविदा प्रक्रिया में मोक्षित कॉरपोरेशन की मनमानी दरों को स्वीकार कर लिया। परिणामस्वरूप मोक्षित कॉरपोरेशन ने वास्तविक एमआरपी से तीन गुना तक अधिक कीमत पर सामग्री की आपूर्ति कर शासकीय राशि का भारी दुरुपयोग किया।

ब्यूरो के अनुसार, यह मामला जनहित से जुड़ी “हमर लैब” योजना से संबंधित है, जिसमें सरकारी धन के दुरुपयोग के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। जांच एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि साक्ष्यों के आधार पर जिम्मेदारी तय कर आगे भी दोषियों के विरुद्ध कठोर और विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।CGMSC घोटाले में लगातार हो रही गिरफ्तारियों से इस पूरे नेटवर्क के और बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है।

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