

सूरजपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सूरजपुर जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही कालीचरण के निवास पर पहुँचकर उनके पक्के आवास का निरीक्षण किया और परिवारजनों से आत्मीय संवाद किया। मुख्यमंत्री का अपने घर पर आगमन पाकर हितग्राही एवं उनके परिजन भावविभोर दिखाई दिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सहज और स्नेहपूर्ण वातावरण में परिवार से बातचीत करते हुए उनकी दिनचर्या, आवश्यकताओं और आवास मिलने के बाद जीवन में आए सकारात्मक बदलावों के बारे में जानकारी ली।
मुख्यमंत्री श्री साय ने बातचीत के दौरान हितग्राही कालीचरण से आवास प्राप्ति से पूर्व उनके जीवन के अनुभवों को भी जाना। उन्होंने पहले कच्चे मकान में रहने के दौरान आने वाली कठिनाइयों, बरसात और मौसम की मार, सुरक्षा की चिंता तथा सामाजिक असहजता के बारे में विस्तार से सुना। हितग्राही ने बताया कि पक्का आवास मिलने से न केवल उनका जीवन सुरक्षित हुआ है, बल्कि आत्मसम्मान और सामाजिक प्रतिष्ठा में भी वृद्धि हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना का मूल उद्देश्य यही है कि प्रदेश का कोई भी पात्र परिवार आवास जैसी बुनियादी आवश्यकता से वंचित न रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि पक्का घर केवल चार दीवारें और छत नहीं, बल्कि वह परिवार के लिए सुरक्षा, स्थायित्व और सम्मानजनक जीवन की नींव होता है। सरकार की प्राथमिकता है कि गरीब, वंचित और जरूरतमंद परिवारों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराया जाए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सबके लिए आवास” के संकल्प को पूरी प्रतिबद्धता के साथ ज़मीन पर उतार रही है। उन्होंने बताया कि आवास योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, गुणवत्ता और पात्रता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है, ताकि सही हितग्राही तक योजनाओं का लाभ पहुँचे। सरकार निरंतर यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी पात्र परिवार छूटे नहीं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हितग्राही परिवार को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएँ बनाना नहीं, बल्कि उनके प्रभाव को लोगों के जीवन में प्रत्यक्ष रूप से देखना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री आवास योजना सहित सभी जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में संवेदनशीलता, ईमानदारी और तत्परता बनाए रखें, ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँच सके।






















