
बलरामपुर। बलरामपुर जिले के सरनाडीह गांव में 3 वर्षीय बालक की संदिग्ध उपचार के दौरान हुई मौत के मामले में बलरामपुर पुलिस ने आरोपी झोलाछाप को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा।
जानकारी के अनुसार 19 अगस्त 2026 को रमेश चेरवा अपने 3 वर्षीय पुत्र अभी चेरवा को बुखार होने पर आरोपी के पास लेकर गया था। आरोप है कि आरोपी ने बालक को Taxim 250 mg (Cefotaxime Sodium) इंजेक्शन लगाया, जिसके बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजन उसे जिला अस्पताल बलरामपुर ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही मासूम की मौत हो गई।
मर्ग जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर गवाहों के बयान दर्ज किए। जांच में सामने आया कि आरोपी के पास चिकित्सा कार्य करने के लिए कोई वैध चिकित्सकीय पात्रता या पंजीयन नहीं था, इसके बावजूद उसने बालक का उपचार कर इंजेक्शन लगाया। पूछताछ में आरोपी द्वारा घटना स्वीकार करने पर पुलिस ने संबंधित दवा भी जब्त की।
पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध धारा 105, 271, 318 बीएनएस तथा ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 की धारा 27 के तहत अपराध दर्ज किया है। आरोपी बालेश्वर सिंह पिता चमस (51 वर्ष) को 21 अगस्त को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। बलरामपुर पुलिस मामले की विवेचना साक्ष्य आधारित तरीके से कर रही है।




















