

नारायणपुर: नक्सल गतिविधियों के लिए विस्फोटक सामग्री उपलब्ध कराने के मामले में नारायणपुर की विशेष न्यायालय एनआईए एक्ट ने तीन आरोपियों को दोषसिद्ध कर कारावास और अर्थदंड से दंडित किया है। दोषी ठहराए गए आरोपियों में चमेली बाई, रवि मरकाम उर्फ सुशील और कोसरू वड्डे शामिल हैं।
मामला 19 मार्च 2024 का है। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम तारागांव में जड़ी-बूटी बेचने के सामान के बहाने गठरियों में विस्फोटक सामग्री छिपाकर रखी गई है। इन सामग्रियों को नक्सलियों तक पहुंचाने की योजना होने की सूचना पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों के कब्जे से 4 डेटोनेटर, 7 बोरी पोटेशियम नाइट्रेट, 7 मीटर लाल रंग का कॉर्डेक्स वायर और 2 मोबाइल फोन बरामद किए थे।मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे की विवेचना राज्य अन्वेषण अभिकरण (SIA), पुलिस मुख्यालय रायपुर को सौंपी गई। जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सामने आया कि बरामद विस्फोटक सामग्री को नक्सली संगठन के सप्लायर और अन्य नक्सलियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से नारायणपुर बाजार से तारागांव ले जाया जाना था।
विवेचना के दौरान ग्राम गवाड़ी, थाना ओरछा निवासी कोसरू वड्डे को भी आरोपी पाया गया। उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। विवेचना पूरी होने के बाद न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया।विशेष न्यायालय ने साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर तीनों आरोपियों को दोषसिद्ध किया। अदालत ने विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 4 और 5 के तहत 7-7 वर्ष का सश्रम कारावास और 1,000-₹1,000 अर्थदंड की सजा सुनाई।इसके अलावा UAPA की धारा 10(1) में 2 वर्ष का सश्रम कारावास व500 अर्थदंड, धारा 13(1), 38(2) और 39(2) में प्रत्येक के तहत 5-5 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹500-₹500 अर्थदंड से दंडित किया गया।
नारायणपुर पुलिस और राज्य अन्वेषण अभिकरण द्वारा नक्सल गतिविधियों को सहयोग पहुंचाने वाले लोगों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून एवं सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित करने वाली गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।











