
Raipur News: रायपुर में रक्षाबंधन का दिन एक परिवार के लिए बेहद दर्दनाक हादसे में बदल गया। रायपुरा निवासी 35 वर्षीय युधिष्ठिर सारंग अपनी दिवंगत बहन की अस्थियां विसर्जित करने महादेवघाट स्थित खारुन नदी पहुंचा था। इसी दौरान नदी के तेज बहाव की चपेट में आने के बाद वह भंवर में फंस गया और लापता हो गया। देर शाम तक उसकी तलाश जारी रही, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।युधिष्ठिर दोपहर करीब 12 बजे अपने जीजा और अन्य रिश्तेदारों के साथ महादेवघाट के एनीकट के पास बने घाट पर पहुंचा था। अस्थि विसर्जन के लिए वह अपने जीजा के साथ नदी में उतरा। दोनों गहरे पानी में पहुंचे ही थे कि तेज बहाव ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया।जीजा किसी तरह बहते पानी से निकलकर किनारे तक पहुंच गए, लेकिन युधिष्ठिर बहाव में आगे चला गया। कुछ ही देर में वह नदी के खतरनाक भंवर में फंसकर आंखों से ओझल हो गया।
तीन घंटे बाद पहुंची रेस्क्यू टीम, अंधेरा होने तक चला सर्च
हादसे के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन को सूचना दी। बताया गया कि करीब तीन घंटे बाद एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद नाव की मदद से नदी में तलाशी अभियान शुरू किया गया।रेस्क्यू टीम ने कांटा और जाल डालकर भी तलाश की, लेकिन देर शाम तक सफलता नहीं मिली। एनीकट के आसपास पानी का बहाव काफी तेज था और कई जगह खतरनाक भंवर बन रहे थे। जोखिम को देखते हुए एसडीआरएफ जवानों ने भंवर वाले हिस्से से सुरक्षित दूरी रखते हुए सर्च ऑपरेशन चलाया।गोताखोरों को आशंका है कि युधिष्ठिर पानी के भीतर किसी भंवर में फंसा हो सकता है। शनिवार सुबह एक बार फिर गोताखोरों की सहायता से तलाश शुरू करने की तैयारी है।
नाविकों पर मदद नहीं करने का आरोप, पुलिस ने रोका नाव संचालन
हादसे के बाद घाट पर मौजूद लोगों और परिजनों में भारी नाराजगी दिखाई दी। लोगों ने आरोप लगाया कि वहां मौजूद नाविकों ने घटना के समय तत्काल मदद नहीं की। एसडीआरएफ टीम के पहुंचने में हुई देरी को लेकर भी लोगों ने सवाल उठाए।स्थिति को देखते हुए पुलिस ने महादेवघाट पर नावों का संचालन बंद करा दिया और नाविकों को घाट से हटा दिया। रक्षाबंधन के अवसर पर महादेवघाट, लक्ष्मण झूला और आसपास के गार्डन में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।
पुराने हादसे के बाद फिर उठे रेस्क्यू व्यवस्था पर सवाल
महादेवघाट की घटना के बाद रायपुर में जल हादसों से निपटने की तैयारियों और रेस्क्यू व्यवस्था पर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है। कुछ दिन पहले मौदहापारा के एक युवक की ब्लू वाटर प्वाइंट में डूबने से मौत हुई थी।उस मामले में भी एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों ने कई दिनों तक तलाश अभियान चलाया था, लेकिन तत्काल शव नहीं मिल सका था। बाद में चौथी रात शव पानी की सतह पर आने के बाद बरामद हुआ था। अब महादेवघाट की घटना के बाद एक बार फिर रेस्क्यू संसाधनों और त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
चार बच्चों के पिता थे युधिष्ठिर
युधिष्ठिर सारंग शादीशुदा थे और उनके चार बच्चे हैं। परिजनों के अनुसार, उनकी बहन गीतेश्वरी का कुछ दिन पहले निधन हुआ था। अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शुक्रवार को परिवार अस्थियां लेकर महादेवघाट पहुंचा था।परिवार के लोग बहन की अंतिम विदाई की रस्म पूरी करने पहुंचे थे, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि उसी दौरान परिवार को एक और गहरे सदमे का सामना करना पड़ेगा। अब परिजनों की नजर शनिवार सुबह होने वाले तलाशी अभियान पर टिकी है।




















