

बलरामपुर/राजपुर(अभिषेक सोनी)। स्वास्थ्य सुविधाओं से दूर बसे पहुंच विहीन ग्राम माकड़ में बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने विषम परिस्थितियों के बीच विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर ग्रामीणों को उपचार और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक सेवाएं प्रदान की। खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. रमेश जायसवाल के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम को गांव तक पहुंचने के लिए नदी पार करनी पड़ी तथा लगभग तीन किलोमीटर का कठिन पैदल सफर तय करना पड़ा। इसके बावजूद टीम ने गांव पहुंचकर दर्जनों ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और उन्हें आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराईं।
शिविर के दौरान ग्रामीणों को वर्तमान मौसम में फैलने वाली बीमारियों जैसे मलेरिया, डायरिया, वायरल बुखार एवं अन्य संक्रामक रोगों से बचाव के उपायों की विस्तार से जानकारी दी गई। स्वास्थ्य अमले ने घर-परिवार और आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने, स्वच्छ पेयजल का उपयोग करने तथा जल शुद्धिकरण की विधियों के बारे में भी जागरूक किया। ग्रामीणों को बताया गया कि दूषित पानी और गंदगी कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है, इसलिए साफ-सफाई को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना आवश्यक है।

स्वास्थ्य शिविर में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर विशेष जोर देते हुए संस्थागत प्रसव और नियमित टीकाकरण के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। गर्भवती महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए समय पर जांच एवं टीकाकरण कराने की अपील की गई। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने ग्रामीणों को समझाया कि संस्थागत प्रसव से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सकती है और प्रसव के दौरान होने वाली जटिलताओं का समय रहते उपचार संभव हो पाता है।
ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर सामने आने वाली सर्पदंश की घटनाओं को देखते हुए शिविर में विशेष जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। ग्रामीणों को बताया गया कि सांप काटने की स्थिति में झाड़-फूंक या अंधविश्वास का सहारा लेने के बजाय तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल पहुंचना चाहिए। समय पर चिकित्सा उपचार मिलने से सर्पदंश के अधिकांश मामलों में मरीज की जान बचाई जा सकती है।

शिविर के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्रामीणों को नियमित हाथ धोने, व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने तथा मौसमी संक्रमणों से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां अपनाने की सलाह दी। साथ ही गांव की मितानिनों को पर्याप्त मात्रा में आवश्यक दवाइयां उपलब्ध मितानिन को उपलब्ध कराई गईं ताकि आपात स्थिति में प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया जा सके। स्वास्थ्य विभाग ने स्थानीय सूचना तंत्र को सक्रिय और मजबूत रखने के निर्देश भी दिए, जिससे किसी भी स्वास्थ्य आपातकालीन स्थिति की जानकारी तत्काल विभाग तक पहुंच सके।
खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. रमेश जायसवाल ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि ऐसे क्षेत्रों में नियमित रूप से स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर लोगों को उपचार के साथ-साथ स्वास्थ्य शिक्षा भी प्रदान की जा रही है।
ग्रामीणों ने भी स्वास्थ्य विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद स्वास्थ्य टीम का गांव पहुंचना उनके लिए बड़ी राहत है। शिविर के माध्यम से ग्रामीणों को न केवल उपचार मिला बल्कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ी है।




















