
नई दिल्ली: असम में नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए गए राज्यव्यापी अभियान में 945 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 547 मामले दर्ज किए गए हैं। इस दौरान 182 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य के मादक पदार्थ और साइकोट्रोपिक पदार्थ जब्त किए गए। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने इस कार्रवाई के लिए असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और असम पुलिस को बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘नशा मुक्त भारत’ के विजन के तहत ड्रग नेटवर्क को ध्वस्त करने, उसकी वित्तीय जड़ों पर प्रहार करने और युवाओं को नशे से बचाने का अभियान अटूट संकल्प के साथ जारी रहेगा।
अमित शाह ने एक्स पर दी बधाई
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर असम में नशीले पदार्थों के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि राज्य में लगातार चल रही कार्रवाई के परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में गिरफ्तारियां हुई हैं और करोड़ों रुपए के नशीले पदार्थ जब्त किए गए हैं। शाह ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और असम पुलिस के प्रयासों की सराहना करते हुए ड्रग नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने पर जोर दिया।
12 अक्टूबर को चलाया गया राज्यव्यापी अभियान
‘नशा मुक्त भारत’ अभियान के तहत असम पुलिस ने 12 अक्टूबर 2026 को व्यापक राज्यव्यापी अभियान चलाया। इसके पहले सघन स्तर पर अभियान की तैयारियां और कार्रवाई की गई थीं। इस अभियान के दौरान नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में 547 केस दर्ज किए गए और 945 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस की कार्रवाई का उद्देश्य मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के साथ उनके वितरण और आपूर्ति से जुड़े नेटवर्क को कमजोर करना था।
703 से अधिक ड्रग हॉटस्पॉट्स पर छापेमारी
अभियान के तहत राज्य में 703 से अधिक ड्रग हॉटस्पॉट्स पर छापेमारी की गई। इन स्थानों को नशीले पदार्थों से संबंधित गतिविधियों के लिहाज से चिह्नित किया गया था। पुलिस की कार्रवाई में मादक पदार्थों की बरामदगी के साथ तस्करी और अवैध कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ कदम उठाए गए। अधिकारियों की कार्रवाई का एक प्रमुख उद्देश्य उन क्षेत्रों में नशीले पदार्थों की उपलब्धता पर अंकुश लगाना है, जहां इनके कारोबार की आशंका अधिक रहती है।
फरार आरोपियों और वारंट के खिलाफ भी कार्रवाई
राज्यव्यापी अभियान के दौरान 73 गैर-जमानती वारंट तामील किए गए और 47 फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए गए फरार आरोपियों में पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों के 10 आरोपी भी शामिल हैं। इस कार्रवाई के जरिए पुलिस ने नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपियों तक पहुंचने और कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर ध्यान दिया।
31 करोड़ रुपए की संपत्तियों पर कार्रवाई
नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों पर भी कार्रवाई की जा रही है। अभियान के दौरान लगभग 31 करोड़ रुपए मूल्य की संपत्तियों को जब्त करने, कुर्क करने या फ्रीज करने की प्रक्रिया जारी है। इसके अलावा, अवैध मादक पदार्थों के कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ निवारक कार्रवाई के लिए प्रिवेंशन ऑफ इलिसिट ट्रैफिक इन नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेज एक्ट (PITNDPS) के तहत 157 प्रस्तावों की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई गई है। इस तरह की कार्रवाई का उद्देश्य ड्रग नेटवर्क की आर्थिक क्षमता को कमजोर करना है।
तंबाकू उत्पादों और शैक्षणिक संस्थानों पर निगरानी
अभियान के तहत सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (COTPA) के प्रावधानों के अंतर्गत भी कार्रवाई की गई। इसके तहत 2,229 छापे मारे गए और 3,662 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। इसके साथ ही 2,943 शैक्षणिक संस्थानों का सर्वे किया गया। इन कदमों का उद्देश्य तंबाकू उत्पादों से संबंधित नियमों के अनुपालन की जांच करना और शैक्षणिक परिसरों के आसपास प्रतिबंधित गतिविधियों पर निगरानी रखना है।
शराब की बड़ी खेप जब्त या नष्ट
राज्यव्यापी अभियान के दौरान 1,34,539 लीटर शराब जब्त या नष्ट की गई। इसमें भारतीय निर्मित विदेशी शराब (IMFL) भी शामिल है। शराब की इस बड़ी मात्रा के खिलाफ कार्रवाई को अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा माना जा रहा है। अभियान में मादक पदार्थों के साथ-साथ अन्य नशीले और प्रतिबंधित उत्पादों से संबंधित गतिविधियों पर भी ध्यान दिया गया।
जागरूकता कार्यक्रमों से 1.12 लाख से अधिक लोग जुड़े
नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई के साथ जागरूकता अभियान भी चलाया गया। राज्य में कुल 633 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनके माध्यम से 1,12,532 नागरिकों और छात्रों तक पहुंच बनाई गई। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं और आम लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना तथा नशीले पदार्थों से दूर रहने के लिए प्रेरित करना था।
ड्रग नेटवर्क की वित्तीय जड़ों पर प्रहार का लक्ष्य
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नारकोटिक्स नियंत्रण पर विजन डॉक्युमेंट 2026-29 का उल्लेख करते हुए कहा कि यह दस्तावेज ड्रग नेटवर्क को ध्वस्त करने, उसकी वित्तीय जड़ों पर प्रहार करने और युवाओं की रक्षा करने के संकल्प की पुष्टि करता है। असम में हुई कार्रवाई को इसी व्यापक प्रयास के संदर्भ में देखा जा रहा है। अभियान में गिरफ्तारियां, जब्ती, संपत्तियों पर कार्रवाई, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और जन-जागरूकता कार्यक्रम शामिल रहे। केंद्र और राज्य स्तर पर नशे के खिलाफ प्रयासों का उद्देश्य मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार पर अंकुश लगाना तथा समाज को इसके दुष्प्रभावों से बचाना है।




















