उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार, 1 नवंबर 2026 को गोरखपुर के चौरी चौरा में विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। भोपा बाजार में नवनिर्मित रेल ओवरब्रिज जनता को समर्पित करने के बाद आयोजित जनसभा में उन्होंने कांग्रेस और विपक्ष पर निशाना साधा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम लिए बिना राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की चर्चित कविता कलम, आज उनकी जय बोल की पंक्तियां सुनाईं। उनके इस अंदाज ने सभा में मौजूद लोगों का ध्यान खींचा।

दिनकर की कविता के जरिए विपक्ष पर निशाना

मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में कहा कि देश में सड़क पर अराजकता पैदा करने की कोशिश की जा रही है। इसके बाद उन्होंने दिनकर की कविता की पंक्ति अंधा चकाचौंध का मारा, क्या जाने इतिहास बेचारा का उल्लेख किया।

उन्होंने आगे कविता की उन पंक्तियों को भी सुनाया, जिनमें देश के लिए बलिदान देने वाले वीरों की महिमा का वर्णन है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले लोगों के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।

योगी ने कहा कि देश की आजादी के लिए हजारों लोगों ने बलिदान दिया। ऐसे वीरों का सम्मान करना और उनकी गाथा को याद रखना समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने कविता के माध्यम से यह संदेश देने की कोशिश की कि कलम को हमेशा देश के लिए प्राण न्योछावर करने वाले बलिदानियों की वीरता का गुणगान करना चाहिए।

क्या है कलम, आज उनकी जय बोल कविता का संदेश?

रामधारी सिंह दिनकर की यह रचना देश के स्वतंत्रता सेनानियों और बलिदानियों को समर्पित मानी जाती है। कविता में उन वीरों के साहस और त्याग को याद किया गया है, जिन्होंने देश की आजादी और सम्मान के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।

इसकी चर्चित पंक्तियों में इतिहास की गवाही और बलिदानियों की अमर महिमा का उल्लेख मिलता है। मुख्यमंत्री ने इसी रचना को आधार बनाकर इतिहास के सम्मान और देश के लिए बलिदान देने वालों के योगदान को याद करने की बात कही। उनके संबोधन को कांग्रेस और विपक्ष की राजनीति पर अप्रत्यक्ष टिप्पणी के तौर पर भी देखा गया।

59.44 करोड़ रुपये से तैयार ओवरब्रिज का लोकार्पण

चौरी चौरा दौरे का प्रमुख कार्यक्रम भोपा बाजार में बने रेल ओवरब्रिज का उद्घाटन था। गोरखपुर-भटनी रेलखंड पर समपार संख्या 147बी के ऊपर तैयार इस पुल के निर्माण में करीब 59.44 करोड़ रुपये खर्च हुए है। इसकी लंबाई लगभग 649 मीटर है।

रेलवे फाटक बंद होने के कारण भोपा बाजार और आसपास के इलाकों में अक्सर जाम लगता था। ट्रेन गुजरने के दौरान वाहनों की लंबी कतारें लग जाती थीं। इससे स्थानीय व्यापारियों, विद्यार्थियों और रोजाना सफर करने वाले लोगों को परेशानी होती थी। ओवरब्रिज शुरू होने से अब रेलवे फाटक पर इंतजार की समस्या कम होने और यातायात सुचारु होने की उम्मीद है। इससे भोपा बाजार, सोनबरसा और आसपास के क्षेत्रों के बीच संपर्क भी बेहतर होगा।

ओवरब्रिज पर चित्रों के जरिए दिखे चौरी चौरा के बलिदानी

इस पुल की एक खास बात इसकी दीवारों और पिलरों पर उकेरे गए भित्तिचित्र है। इनके माध्यम से चौरी चौरा आंदोलन से जुड़ी ऐतिहासिक घटनाओं और स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को दर्शाया गया है।

4 फरवरी 1922 को हुई चौरी चौरा की घटना भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास का अहम हिस्सा है। इस घटना के बाद ब्रिटिश शासन ने कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई की थी। क्षेत्र के अनेक लोगों ने आजादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। ओवरब्रिज पर बनाए गए चित्रों के जरिए इसी विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम से पहले चौरी चौरा बलिदानी स्मारक पहुंचकर अमर बलिदानियों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उन्होंने जनसभा को संबोधित किया।

287.56 करोड़ की 84 परियोजनाओं की भी सौगात

ओवरब्रिज के लोकार्पण के साथ योगी आदित्यनाथ ने चौरी चौरा क्षेत्र के लिए 287.56 करोड़ रुपये की लागत वाली 84 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इन योजनाओं में सड़क संपर्क बेहतर बनाने, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और बाढ़ से बचाव से जुड़े काम शामिल है।

प्रमुख परियोजनाओं में जगदीशपुर से सरैया ब्लॉक होते हुए देवरिया मार्ग तक सड़क चौड़ीकरण और फोरलेन निर्माण का कार्य भी शामिल है। इन योजनाओं का उद्देश्य क्षेत्र में आवागमन की सुविधा बढ़ाना और स्थानीय विकास को गति देना है।

विकास कार्यों के साथ इतिहास और राजनीति की भी चर्चा

चौरी चौरा में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने एक ओर विकास योजनाओं को जनता को समर्पित किया, तो दूसरी ओर स्वतंत्रता आंदोलन के बलिदानियों की विरासत को याद किया। दिनकर की कविता के जरिए उन्होंने कांग्रेस और विपक्ष पर राजनीतिक संदेश भी दिया।

सभा के बाद मुख्यमंत्री के संबोधन में इस्तेमाल की गई कविता की पंक्तियां चर्चा में रही। वहीं, नए रेल ओवरब्रिज के शुरू होने से स्थानीय लोगों को जाम से राहत मिलने और क्षेत्र का यातायात बेहतर होने की उम्मीद है।

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