सूरजपुर: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में शिक्षिका रजनी बरेठ और उनके बेटे सुजल बरेठ की हत्या के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के मुताबिक, मोटर पार्ट्स व्यवसाय के लिए करीब 20 लाख रुपये का कर्ज लेने वाले आरोपी प्रवेश कुमार ने पैसों के लालच में शिक्षिका की हत्या की। इसके बाद घटना की जानकारी किसी को न हो, इस आशंका से उनके बेटे सुजल को भी मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में सीसीटीवी फुटेज, कार की पहचान और तकनीकी साक्ष्यों ने अहम भूमिका निभाई।

जंगल के पास मिला था सुजल का शव

पुलिस के अनुसार, 10 अक्टूबर 2026 को ग्राम महाबीरपुर के सरपंच महेश प्रसाद ने थाना जयनगर में सूचना दी कि कोरयाबारी नर्सरी जंगल के पास कच्ची सड़क किनारे नाली में एक अज्ञात व्यक्ति का शव पड़ा है। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव बरामद कर मर्ग कायम किया और पोस्टमार्टम कराया। बाद में मृतक की पहचान सुजल बरेठ के रूप में हुई।शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर और छाती पर गंभीर चोटों के कारण हत्या किए जाने की पुष्टि होने पर 11 अक्टूबर को थाना जयनगर में अपराध क्रमांक 308/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) में मामला दर्ज किया गया।

किराये के मकान में बाथरूम से मिला शिक्षिका का शव

इसी दौरान मृतक सुजल की मां रजनी बरेठ के लापता होने की जानकारी सामने आई। रजनी विश्रामपुर के ममता कॉलोनी, केशवनगर में किराये के मकान में रहती थीं और शिक्षिका थीं। उनके भाई अविनाश बरेठ ने पुलिस को बताया कि 9 अक्टूबर से रजनी का मोबाइल बंद आ रहा था।11 अक्टूबर की रात करीब दो बजे पुलिस की मौजूदगी में किराये के मकान का बाहर से बंद ताला खुलवाया गया। घर के अंदर बाथरूम में रजनी का शव मिला। प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या किए जाने की बात सामने आई। इसके बाद थाना विश्रामपुर में अपराध क्रमांक 257/2026 के तहत बीएनएस की धारा 103(1) में अपराध दर्ज किया गया।

सीसीटीवी फुटेज से मिला अहम सुराग

दोनों हत्याओं की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक कुमार झा के निर्देशन और सूरजपुर पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल के नेतृत्व में जांच शुरू की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश देवांगन और एसडीओपी सूरजपुर अभिषेक पैंकरा के मार्गदर्शन में संयुक्त पुलिस टीम तथा साइबर सेल अंबिकापुर ने जांच आगे बढ़ाई।जांच के दौरान पुलिस ने शहर के कई सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसमें एक व्यक्ति काली टी-शर्ट और सफेद गमछा पहने रजनी के किराये के मकान की गली में आता-जाता दिखाई दिया। एक अन्य फुटेज में इसी तरह के कपड़े पहने व्यक्ति को विश्रामपुर के कार वॉशिंग सेंटर पर कार धुलवाते देखा गया।फुटेज के आधार पर कार का नंबर सीजी 15 ईजी 7101 सामने आया। पुलिस ने वाहन मालिक और संदिग्ध की जानकारी जुटाकर प्रवेश कुमार तक पहुंच बनाई। पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर रजनी और सुजल की हत्या करना स्वीकार किया।

19 लाख रुपये मिलने की जानकारी थी आरोपी को

पुलिस के मुताबिक, आरोपी की पत्नी और रजनी एक ही स्कूल में शिक्षिका थीं। इसी परिचय के कारण आरोपी का रजनी के घर आना-जाना था। आरोपी ने मोटर पार्ट्स के व्यवसाय के लिए करीब 20 लाख रुपये का कर्ज लिया था और उसे पैसों की जरूरत थी। उसे जानकारी थी कि रजनी करीब 19 लाख रुपये का ऋण लेने वाली हैं और रकम उनके बैंक खाते में आने वाली है।पुलिस के अनुसार, 9 अक्टूबर को आरोपी अपनी कार धुलवाने के बहाने विश्रामपुर के वॉशिंग सेंटर पहुंचा। वहां से वह पैदल रजनी के घर गया। कुछ समय बाद वह दोबारा घर पहुंचा और वहीं रुका रहा। शाम को सुजल ट्यूशन के लिए बाहर गया तो आरोपी ने रजनी से पैसों की मांग की। रजनी के मना करने पर विवाद हुआ।

पुलिस का दावा है कि आरोपी ने पहले स्टील की पानी की बोतल से रजनी के सिर पर वार किया। इसके बाद उन्हें बाथरूम की ओर धकेलकर गला दबा दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। वारदात के बाद उसने घर में बिखरे सामान को व्यवस्थित किया और वहां से रजनी का स्टोल लेकर निकल गया।

मां की हत्या के बाद बेटे को भी बनाया निशाना

पुलिस के अनुसार, आरोपी को आशंका थी कि सुजल को उसकी मां की हत्या के बारे में जानकारी हो सकती है और वह घटना का खुलासा कर सकता है। इसी वजह से उसने सुजल की हत्या की योजना बनाई।आरोपी ने कथित तौर पर सफेद गमछे से मुंह ढका और हेलमेट पहनकर रजनी की स्कूटी से निकला। बाद में स्कूटी छोड़कर हेलमेट झाड़ियों में फेंक दिया और अपनी कार लेकर वापस लौटा। रात करीब नौ बजे सुजल के घर पहुंचने पर आरोपी ने उसे बताया कि उसकी मां उसके घर पर है।इसके बाद आरोपी सुजल को कार से अपने साथ ले गया। पुलिस के मुताबिक, रास्ते में राई जंगल के पास उसने बाथरूम जाने के बहाने कार रुकवाई। फिर स्टोल से सुजल का गला कसने की कोशिश की और उस पर मुक्कों से हमला किया। सुजल के भागने पर आरोपी ने सड़क किनारे पड़े सीमेंट के खंभे के टुकड़े से उसके सिर और छाती पर वार कर हत्या कर दी।पुलिस का कहना है कि आरोपी ने शव को कार में रखा और ठिकाने लगाने के लिए अलग-अलग स्थानों पर गया। बाद में सुजल का शव जंगल क्षेत्र में फेंक दिया।

मोबाइल, दस्तावेज और हत्या में इस्तेमाल सामान बरामद

पुलिस के मुताबिक, वारदात के बाद आरोपी ने सुजल के दो मोबाइल अपने घर की रसोई की दराज में छिपा दिए, जबकि रजनी का मोबाइल अंबिकापुर स्थित अपने ससुराल में रखा था। पुलिस ने आरोपी के घर से सुजल के दोनों मोबाइल बरामद किए। अंबिकापुर से रजनी का मोबाइल सिम सहित बरामद किया गया। वहां से रजनी का आधार कार्ड, पैन कार्ड, चेक, ड्राइविंग लाइसेंस, मतदाता पहचान पत्र, एटीएम कार्ड और सोने-चांदी के आभूषण भी मिले।जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने घटना में इस्तेमाल कार को धुलवाया था और कार की वह मैट, जिस पर खून लगा था, जला दी थी। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर राई जंगल से सुजल की एक चप्पल, वारदात में इस्तेमाल ग्रैंड विटारा कार, सीमेंट के खंभे का टुकड़ा और रजनी के सिर पर वार करने में इस्तेमाल स्टील की पानी की बोतल जब्त की।

हरियाणा का रहने वाला है आरोपी

पुलिस ने आरोपी की पहचान परवेश उर्फ प्रवेश कुमार, पिता गुरदित मल, उम्र 36 वर्ष, निवासी राजीव कॉलोनी, कैथल रोड, करनाल, हरियाणा, वर्तमान पता चोपड़ा कॉलोनी, विश्रामपुर के रूप में की है। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।

इस दोहरे हत्याकांड का खुलासा करने वाली टीम में थाना विश्रामपुर प्रभारी विकास देशमुख, थाना जयनगर प्रभारी अमित गुप्ता, थाना झिलमिली प्रभारी सरफराज फिरदौसी, एसआई पीयूष चन्द्राकर, पीएसआई पवन झा, कपिल, रंजना, एएसआई अरुण गुप्ता, राकेश यादव, चौकी प्रभारी करंजी विशाल मिश्रा, प्रधान आरक्षक राजेन्द्र एक्का, रविशंकर पाण्डेय, आनंद सिंह, जयप्रकाश तिवारी सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। साइबर सेल अंबिकापुर से एएसआई अजित मिश्रा, प्रधान आरक्षक भोजराज पासवान और आरक्षक मनीष सिंह ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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