

CG News: छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में पेट्रोल और डीजल की कमी ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। ईंधन आपूर्ति प्रभावित होने के कारण जिले के कई पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता सीमित हो गई है। हालात ऐसे हैं कि वाहन चालकों को घंटों कतार में खड़े रहने के बावजूद ईंधन नहीं मिल पा रहा है।
ईंधन की तलाश में सड़कों तक पहुंचीं वाहनों की कतारें
कोंडागांव शहर के कई पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल समाप्त होने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में दोपहिया और चारपहिया वाहन चालक पहुंचने लगे। ईंधन भरवाने की उम्मीद में लोगों ने लंबी लाइनें लगा दीं, जो कई स्थानों पर सड़क तक पहुंच गईं। हालांकि काफी देर इंतजार करने के बाद भी कई लोगों को पेट्रोल नहीं मिला और उन्हें वापस लौटना पड़ा।
आपूर्ति में अनियमितता से बढ़ी चिंता
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति नियमित नहीं हो पा रही है। कुछ पेट्रोल पंपों पर सीमित मात्रा में ईंधन उपलब्ध है, जबकि कई जगह स्टॉक लगभग खत्म होने की स्थिति में है। इससे उपभोक्ताओं के बीच चिंता का माहौल बन गया है।
व्यापार, परिवहन और जरूरी सेवाओं पर असर
ईंधन संकट का असर केवल निजी वाहनों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव व्यापारिक गतिविधियों, परिवहन सेवाओं और दैनिक जरूरतों से जुड़े कार्यों पर भी दिखाई देने लगा है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
प्रशासन की ओर से अब तक नहीं आया आधिकारिक बयान
फिलहाल प्रशासन या तेल कंपनियों की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि आपूर्ति में बाधा किस कारण से आई है और स्थिति कब तक सामान्य होगी। ऐसे में लोगों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
कांकेर में किसानों का प्रदर्शन, डीजल नहीं मिलने पर किया चक्काजाम
उधर कांकेर जिले में डीजल की कमी को लेकर किसानों का आक्रोश खुलकर सामने आया। ज्ञानी चौक के पास किसानों ने सड़क पर ट्रैक्टर और डीजल के डब्बे खड़े कर चक्काजाम कर दिया। किसानों का आरोप है कि वे रात से पेट्रोल पंपों पर लाइन में लगे थे, लेकिन इसके बावजूद उन्हें डीजल नहीं मिला। इससे नाराज किसानों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रशासन से तत्काल व्यवस्था सुधारने की मांग की।
जल्द समाधान नहीं हुआ तो बढ़ सकती है परेशानी
प्रदेश के कई हिस्सों में ईंधन की उपलब्धता को लेकर बढ़ती चिंता के बीच लोग अब प्रशासन और तेल कंपनियों से जल्द राहत की उम्मीद कर रहे हैं। यदि आपूर्ति व्यवस्था शीघ्र सामान्य नहीं हुई तो आम नागरिकों से लेकर किसानों और कारोबारियों तक की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।





















