रायगढ़: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में मानव तस्करी के एक बड़े मामले का तेस ने खुलासा करते हुए अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने नाबालिग बालिका को देह व्यापार में धकेलने वाले गिरोह के 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक खरीदार भी शामिल है। वहीं एक आरोपी अभी फरार बताया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, 17 वर्षीय पीड़िता को काम दिलाने का झांसा देकर पहले रायगढ़ लाया गया, जहां पहले से सक्रिय गिरोह के सदस्यों ने उसे अपने जाल में फंसा लिया। इसके बाद उसे मध्यप्रदेश के सागर जिले ले जाकर करीब डेढ़ लाख रुपये में एक व्यक्ति को बेच दिया गया और मंदिर में जबरन शादी करा दी गई। शादी के बाद आरोपी द्वारा नाबालिग के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए गए।

पीड़िता किसी तरह वहां से भागकर वापस रायगढ़ पहुंची, लेकिन घर जाने के बजाय गिरोह के संपर्क में फिर आ गई। यहां उसे बहलाकर देह व्यापार में धकेला गया, जहां उससे जबरन ग्राहकों के पास भेजकर पैसा वसूला जाता रहा।

मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पीड़िता का सुरक्षित रेस्क्यू किया और गिरोह के सदस्यों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान चार आरोपियों को रायगढ़ से गिरफ्तार किया गया, जबकि मुख्य खरीदार आरोपी को मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले से पकड़ लिया गया। पूछताछ में आरोपियों ने नाबालिग को बेचने और पैसे आपस में बांटने की बात  स्वीकार की है।पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म, मानव तस्करी और पॉक्सो एक्ट सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। साथ ही आरोपियों के कब्जे से नगदी और मोबाइल भी जब्त किए गए हैं।

इस पूरे मामले में एक नाबालिक बालिका को किशोर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है, जबकि अन्य आरोपी जेल भेजे गए हैं। फरार आरोपी की तलाश में पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है।पूरी कार्रवाई एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में की गई। उन्होंने सख्त संदेश देते हुए कहा है कि जिले में मानव तस्करी और देह व्यापार जैसे अपराधों में शामिल लोगों के खिलाफ लगातार कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।लोगों से अपील है कि सामाजिक बुराईयों को रोकने ऐसी किसी भी गतिविधियों की सूचना पुलिस को देवें जिससे उन पर कार्रवाई की जा सकें”

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