अमृतसर। श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार और सचखंड श्री हरिमंदर साहिब के पूर्व मुख्य ग्रंथी ज्ञानी रघबीर सिंह ने आज एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस कर 1984 के ऑपरेशन ब्लू स्टार से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरा है। उन्होंने विशेष रूप से सिख रेफरेंस लाइब्रेरी से गायब हुए बहुमूल्य दस्तावेजों और श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूपों का मामला फिर से उठाया है।

ज्ञानी रघबीर सिंह ने जानकारी दी कि उन्होंने इस गंभीर विषय पर देश के गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर आधिकारिक स्पष्टीकरण की मांग की है। उन्होंने कहा कि 1984 के सैन्य हमले के दौरान न केवल श्री अकाल तख्त साहिब को भारी क्षति पहुँची, बल्कि सिख इतिहास से जुड़ी अनमोल विरासत भी गायब हो गई, जिसका हिसाब आज तक नहीं मिल पाया है।

लापता दस्तावेजों पर बना है रहस्य

पूर्व जत्थेदार ने कहा कि सिख रेफरेंस लाइब्रेरी से दुर्लभ हस्तलिखित बीड़, हुकमनामे और ऐतिहासिक दस्तावेजों के गायब होने को लेकर स्थिति अभी तक स्पष्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि अक्सर यह दावा किया जाता रहा है कि ये दस्तावेज वापस कर दिए गए थे, जबकि दूसरी ओर सच्चाई इसके उलट दिखाई देती है। इस उलझन को खत्म करने के लिए सच का सामने आना बहुत जरूरी है।

जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग

ज्ञानी रघबीर सिंह ने पुरजोर मांग की है कि इस मामले से संबंधित सभी जांच रिपोर्ट और सरकारी रिकॉर्ड सार्वजनिक किए जाएं। उन्होंने तर्क दिया कि सिख संगत को यह जानने का पूरा अधिकार है कि गायब हुए पावन स्वरूप और दस्तावेज इस वक्त कहाँ हैं और किस स्थिति में हैं। उन्होंने केंद्र सरकार को याद दिलाया कि यह केवल एक धार्मिक मामला नहीं है, बल्कि एक गहरा ऐतिहासिक और भावनात्मक मुद्दा है, जिससे पूरी सिख कौम की भावनाएं जुड़ी हुई हैं। उन्होंने सरकार से इस मामले में पूर्ण पारदर्शिता बरतने की अपील की है।

Leave a reply

Please enter your name here
Please enter your comment!