मुरैना। चंबल क्षेत्र में अवैध रेत खनन के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद मुरैना जिला प्रशासन लगातार रेत माफियाओं पर शिकंजा कस रहा है। अब तक करीब 26 करोड़ रुपये मूल्य की अवैध रेत नष्ट की जा चुकी है, जबकि 250 लोगों के खिलाफ एक-एक लाख रुपये का बाउंड ओवर किया गया है। साथ ही अवैध खनन में इस्तेमाल किए जा रहे 56 वाहनों को भी जब्त किया गया है।

तीन दिनों में नष्ट की गई 600 ट्रॉली रेत

प्रशासन के मुताबिक, 16 से 18 जून के बीच मात्र तीन दिनों में जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए लगभग 600 ट्रॉली अवैध रेत नष्ट की गई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 13.5 लाख रुपये बताई गई है। इस अभियान के दौरान दो जेसीबी और दो लोडर मशीनें भी जब्त की गईं।

कार्रवाई के दौरान माफियाओं ने किया विरोध

अवैध खनन रोकने पहुंची प्रशासनिक टीम को कई बार विरोध और हमलों का भी सामना करना पड़ा। कुछ मामलों में अधिकारियों पर हमला करने और ट्रैक्टर-ट्रॉली से कुचलने का प्रयास किए जाने की घटनाएं भी सामने आई हैं। इसके बावजूद प्रशासन लगातार कार्रवाई जारी रखे हुए है।

पुलिस, वन विभाग और कोटवार मिलकर कर रहे निगरानी

मुरैना कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने बताया कि अवैध खनन वाले क्षेत्रों की पहचान कर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस और वन विभाग के साथ गांवों के कोटवारों को भी 'विशेष पुलिस' का दर्जा देकर निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। स्थानीय क्षेत्र की बेहतर जानकारी होने के कारण कोटवारों की मदद से अवैध खनन करने वालों पर प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।

सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद बढ़ी सख्ती

गौरतलब है कि राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल अभयारण्य में हो रहे अवैध खनन को लेकर 26 मई को सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश सरकारों को कड़ी फटकार लगाई थी। अदालत ने तीनों राज्यों से पूछा था कि अवैध खनन रोकने के लिए अब तक क्या ठोस कदम उठाए गए हैं। जवाब देने के लिए दो महीने का समय दिया गया है। इस मामले में अगली सुनवाई 22 जुलाई को निर्धारित है।

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