

रायपुर: छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण ब्लास्ट मामले में पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में वेदांता रिसोर्सेज लिमिटेड के चेयरमैन अनिल अग्रवाल, प्लांट हेड देवेंद्र पटेल सहित कई जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ डभरा थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार इस मामले में कुल 8 से 10 लोगों को आरोपी बनाया गया है।
सक्ती के पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया कि यह मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 106 (लापरवाही से मौत), 289 (मशीनरी के संचालन में लापरवाही) और 3(5) के तहत दर्ज किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच के दौरान यदि अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है, तो उनके नाम भी एफआईआर में जोड़े जाएंगे।
बताया जा रहा है कि 14 अप्रैल को पावर प्लांट में उस समय बड़ा हादसा हुआ, जब बॉयलर से टर्बाइन तक हाई प्रेशर भाप ले जाने वाला स्टील पाइप अचानक फट गया। इस विस्फोट में वहां काम कर रहे मजदूर बुरी तरह झुलस गए। हादसा इतना भयावह था कि अब तक 20 मजदूरों की जान जा चुकी है, जबकि 16 अन्य घायल हैं और उनका इलाज जारी है।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है। घटना के कारणों का पता लगाने के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की टीम गठित की गई है। साथ ही एक विशेष जांच दल (SIT) का भी गठन किया गया है, जिसकी अगुवाई एडिशनल एसपी पंकज पटेल कर रहे हैं। टीम में एसडीओपी सुमित गुप्ता, फोरेंसिक विशेषज्ञ सृष्टि सिंह और थाना प्रभारी राजेश पटेल शामिल हैं।
पुलिस प्रशासन ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और औद्योगिक सुरक्षा से जुड़ी रिपोर्टों का इंतजार किया जा रहा है। इन रिपोर्टों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर और धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं।
प्रशासन ने इस दुखद घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता देने की बात कही है।

































