

श्रीनगर: बारिश और खराब मौसम के कारण कुछ समय के लिए बाधित हुई अमरनाथ यात्रा शुक्रवार को बालटाल बेस कैंप से दोबारा शुरू हो गई। मौसम में सुधार होने के बाद श्रद्धालुओं का पहला बड़ा जत्था "बम-बम भोले" के जयकारों के साथ पवित्र अमरनाथ गुफा की ओर रवाना हुआ। अधिकारियों के अनुसार, 10 हजार से अधिक श्रद्धालु प्राकृतिक रूप से निर्मित हिम शिवलिंग के दर्शन के लिए रवाना हुए हैं और अधिकांश के शाम तक बेस कैंप लौटने की संभावना है।
खराब मौसम और कठिन रास्तों के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह देखने लायक है। बालटाल मार्ग की लगभग 16 किलोमीटर लंबी कठिन चढ़ाई भी श्रद्धालुओं की आस्था को डिगा नहीं सकी। यात्रा के दौरान श्रद्धालु पूजा-अर्चना करते हुए और भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते नजर आए।एक श्रद्धालु ने बताया कि यात्रा मार्ग के हर पड़ाव पर भक्ति का माहौल बना हुआ है। "बम-बम भोले" के जयघोष और प्रार्थनाओं के बीच यात्रा का अनुभव बेहद आध्यात्मिक रहा। श्रद्धालुओं का उत्साह मौसम की चुनौतियों पर भारी पड़ता दिखाई दिया।यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरे मार्ग पर सतर्क हैं। अधिकारियों ने पारंपरिक पहलगाम मार्ग से भी करीब 10 हजार श्रद्धालुओं को आगे बढ़ने की अनुमति दी है। लगभग 42 किलोमीटर लंबे इस मार्ग से जाने वाले श्रद्धालुओं के एक से दो दिन में यात्रा पूरी कर लौटने की संभावना है।
इस बीच, श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों के साथ मिलकर मौसम और यात्रा मार्ग की लगातार निगरानी कर रहा है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मेडिकल टीमें, इमरजेंसी शेल्टर और बचाव दल तैनात किए गए हैं।हर वर्ष आयोजित होने वाली अमरनाथ यात्रा कठिन शारीरिक परिस्थितियों और गहरी आध्यात्मिक आस्था का अनूठा संगम मानी जाती है। इस वर्ष भी प्रतिकूल मौसम के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का पहुंचना भगवान भोलेनाथ के प्रति उनकी अटूट श्रद्धा और विश्वास को दर्शाता है।











