मध्य प्रदेश : सरकारी स्कूलों और शिक्षा विभाग से जुड़े कार्यालयों में 1 जुलाई से नई व्यवस्था लागू होने जा रही है। अब केवल शिक्षकों ही नहीं, बल्कि विभाग के सभी अधिकारी और कर्मचारी भी ई-अटेंडेंस प्रणाली के दायरे में होंगे। इस संबंध में शिक्षण संचालनालय ने आदेश जारी कर दिया है। सरकार का उद्देश्य उपस्थिति व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाना है।

शिक्षा विभाग के सभी कार्यालयों में लागू होंगे नए नियम

जारी आदेश के अनुसार शिक्षा विभाग के अधीन संचालित सभी कार्यालयों और संस्थानों में ई-अटेंडेंस अनिवार्य रहेगी। इसमें शिक्षण संचालनालय, राज्य शिक्षा केंद्र, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, जिला शिक्षा केंद्र और विभिन्न प्रशिक्षण संस्थान शामिल हैं। इन सभी स्थानों पर कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों को मोबाइल एप के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज करनी होगी।

कार्यालय प्रमुखों को सौंपी गई अहम जिम्मेदारी

नई व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रत्येक कार्यालय और प्रशिक्षण संस्थान के प्रमुख को जिम्मेदारी दी गई है। यदि किसी स्तर पर नियमों का पालन नहीं होता है या लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित कार्यालय प्रमुख को जवाबदेह माना जाएगा।

लंबे समय से उठ रही थी समान व्यवस्था की मांग

शिक्षकों की ओर से लंबे समय से यह मांग की जा रही थी कि ई-अटेंडेंस की व्यवस्था केवल शिक्षकों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उनका कहना था कि जब उपस्थिति दर्ज करने का नियम लागू किया जाए तो वह विभाग के सभी कर्मचारियों और अधिकारियों पर समान रूप से लागू होना चाहिए। केवल एक वर्ग पर नियम लागू करना उचित नहीं है।

पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम

नई व्यवस्था लागू होने के बाद शिक्षा विभाग में उपस्थिति की निगरानी अधिक व्यवस्थित होगी। अधिकारियों और कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित होने के साथ प्रशासनिक कार्यों में भी पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि इस कदम से पूरे विभाग में जवाबदेही मजबूत होगी और कार्यप्रणाली पहले से अधिक प्रभावी बनेगी।

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