

बलरामपुर: राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन राज्य कार्यालय के निर्देशानुसार एवं जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर के मार्गदर्शन में जिले में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत कार्यरत 30 पशु सखियों का 17 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित किया जा रहा है। जिसका उद्देश्य पशु सखियों को पशुपालन से संबंधित आवश्यक तकनीकी एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन को एक सशक्त आजीविका साधन के रूप में विकसित कर सकें तथा अपने-अपने क्षेत्रों में पशुपालकों को मार्गदर्शन दे सकें।प्रशिक्षण के दौरान पशुपालन विभाग के प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनरों द्वारा पशु सखियों को पशुपालन के संबंध में विस्तृत जानकारी, पशुओं की देख-रेख, संतुलित आहार, टीकाकरण, नस्ल सुधार, रोगों की पहचान, प्राथमिक उपचार के बारे में जानकारी दी जा रही है।पशु सखियों को पशु चिकित्सालय एवं गौशाला का भ्रमण कराकर उन्हें मौके पर पशुओं की देख-रेख, उपचार व्यवस्था, स्वच्छता प्रबंधन, टीकाकरण प्रक्रिया एवं पशुधन प्रबंधन से अवगत कराया जा रहा है।
जिला पंचायत सीईओ श्रीमती तोमर ने कहा कि ग्रामीण आजीविका संवर्धन में पशुपालन की महत्वपूर्ण भूमिका है। पशु सखियों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को पशुपालन से जुड़ी जानकारी एवं सहायता उपलब्ध होगी, जिससे आगामी समय में उनकी आय बढ़ाने तथा आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में बेहतर परिणाम मिलेंगे।
गौरतलब है कि पशु सखियों को प्रशिक्षित कर उन्हें ग्राम स्तर पर पशुपालन संबंधी सेवाओं से जोड़ने से ग्रामीण परिवारों की आय वृद्धि, पशुधन स्वास्थ्य सुधार होने के साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा। प्रशिक्षण पूर्ण होने के पश्चात पशु सखियाँ अपने-अपने ग्रामों में पशुपालकों के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करेंगी।
































