बलरामपुर: बलरामपुर जिले के रघुनाथनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत बलंगी चौकी इलाके में पुलिस ने मवेशी तस्करी के एक बड़े नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में सक्रिय संगठित पशु तस्करी गिरोह का पर्दाफाश हुआ है।

मिली जानकारी के अनुसार 28-29 मार्च 2026 की मध्य रात्रि पुलिस को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई थी कि बलंगी क्षेत्र में अवैध रूप से मवेशियों की तस्करी की जा रही है। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एसडीओपी वाड्रफनगर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने चौकी बलंगी के पास बैरियर लगाकर घेराबंदी की।कार्रवाई के दौरान तेज गति से आ रहे संदिग्ध वाहनों को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से रेड करते हुए दो पिकअप वाहनों को अपने कब्जे में लिया, जबकि उनके चालक अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। तलाशी लेने पर दोनों वाहनों में 7-7 कुल 14 भैंस लदी हुई पाई गईं। इसके साथ ही एक ग्रैंड विटारा कार को भी मौके से जब्त किया गया, जिसके चालक जितेंद्र जायसवाल को गिरफ्तार किया गया।पूछताछ में आरोपी जितेंद्र जायसवाल ने अपने साथियों मानिकचंद सोनवानी, दीपक सोनवानी और देवमती सोनवानी के साथ मिलकर मवेशी तस्करी का काम करना स्वीकार किया। जांच में यह भी सामने आया कि तस्करी से अर्जित रकम देवमती सोनवानी के बैंक खाते में जमा की जाती थी, जिससे इस पूरे गिरोह के संगठित तरीके से काम करने की पुष्टि हुई।

पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तीनों अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया। सभी आरोपी ग्राम केसारी, थाना रघुनाथनगर के निवासी हैं। इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 111(1)(2), छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2005 की धारा 4, 6, 10 एवं पशु क्रूरता अधिनियम की धारा 11(1)(घ) के तहत मामला दर्ज किया गया है।पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी जितेंद्र जायसवाल पहले भी पशु तस्करी के मामलों में संलिप्त रहा है और उसके खिलाफ पूर्व में भी कार्रवाई हो चुकी है। फिलहाल इस पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है और फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।

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