

नई दिल्ली : शरजील इमाम अंतरिम जमानत को लेकर शुक्रवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब 2020 दिल्ली दंगा मामले के आरोपी शरजील इमाम करीब छह साल बाद जेल से बाहर आए। दिल्ली की अदालत ने उन्हें 10 दिन की अंतरिम जमानत दी है, ताकि वह अपने भाई की शादी में शामिल हो सकें और परिवार के साथ समय बिता सकें। जेल से बाहर निकलते समय वह मीडिया कैमरों के सामने मुस्कुराते और विक्ट्री साइन दिखाते नजर आए।
अदालत ने यह राहत कई सख्त शर्तों के साथ दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, शरजील इमाम को अपने दोस्तों, रिश्तेदारों और परिवार के सदस्यों के अलावा किसी अन्य व्यक्ति से मिलने की अनुमति नहीं होगी। उन्हें सोशल मीडिया इस्तेमाल करने से भी रोका गया है। साथ ही, मामले से जुड़े किसी भी गवाह या व्यक्ति से संपर्क नहीं करने, जांच अधिकारी को अपना मोबाइल नंबर देने और तय शर्तों का सख्ती से पालन करने को कहा गया है। अदालत ने 50,000 रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के दो जमानतदार भी पेश करने के निर्देश दिए हैं।
दरअसल, शरजील इमाम ने अपने भाई की 25 मार्च 2026 को होने वाली शादी में शामिल होने और ईद के दौरान परिवार के साथ रहने के लिए लंबी अवधि की राहत मांगी थी। हालांकि अदालत ने छह सप्ताह के बजाय केवल 10 दिन की अंतरिम जमानत मंजूर की। उन्हें 30 मार्च 2026 की शाम तक जेल अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण करना होगा।
शरजील इमाम अंतरिम जमानत का मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि वह उत्तर-पूर्वी दिल्ली में फरवरी 2020 में हुई हिंसा से जुड़े केस में आरोपी हैं। उसी हिंसा में 53 लोगों की मौत हुई थी और 700 से अधिक लोग घायल हुए थे। पुलिस ने उन पर विरोध प्रदर्शनों के समन्वय, व्हाट्सएप ग्रुप संचालन, बैठकों में शामिल होने और शाहीन बाग आंदोलन से जुड़ी भूमिका जैसे आरोप लगाए हैं। फिलहाल यह राहत अस्थायी है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।

































