


अम्बिकेश गुप्ता
बलरामपुर / कुसमी। बलरामपुर - रामानुजगंज जिले के कुल 11 तहसीलो में राजस्व विभाग में लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ बाबुओं के तबादले को लेकर अब चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। हाल ही में बलरामपुर जिला प्रशासन द्वारा हल्का पटवारियों के बड़े पैमाने पर किए गए तबादलों के बाद अब यह सवाल बलरामपुर जिला के सभी इलाकों से उठने लगा है कि क्या इसी तर्ज पर वर्षों से एक ही स्थान पर व गृहग्राम पर जमे राजस्व विभाग के बाबुओं का भी स्थानांतरण किया जाएगा ?
उल्लेखनीय हैं की जिले में कुल 11 तहसीलें राजस्व विभाग जिनमें प्रमुख तहसीलों में बलरामपुर, रामानुजगंज, सामरी, कुसमी, शंकरगढ़, वाड्रफनगर और हाल ही में घोषित चान्दो, दौरा-कोचली व रघुनाथनगर आदि शामिल हैं। इन कार्यालयों में जानकारों के अनुसार बाबू (कलर्क/कर्मचारी) लंबे समय से एक ही जगह पर पदस्थ हैं लंबे समय से पदस्थ राजस्व कर्मचारियों के कामकाज की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर भी सवाल उठते रहे हैं। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि लंबे समय तक गृहग्राम संलगनीकरण होकर व एक ही जगह पर पदस्थ रहने से अधिकांश कर्मचारियों का प्रभाव बढ़ चूका है, जो खुद को कर्मचारी नहीं अपितु अधिकारी समझ बैठें हैं. और एक ही स्थान पर कई वर्षों से जमे रहकर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देकर सांठ-गांठ कर सिर्फ और सिर्फ आम लोगों की जेब काटने में कोई कसर नहीं छोड़ रहें हैं जिससे ग्रामीण अंचल सहित आम लोगों को काम कराने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
भ्रष्टाचार में आएगी कमी तथा कार्यों में आएगी कुशलता..
बुद्धिजीवि वर्गों के बिच यह चर्चा हैं की छत्तीसगढ़ सरकार व प्रशासनिक स्तर पर भी इस विषय का मंथन होना चाहिए और राजस्व विभाग में भी अंगद की पाव भांति जमे पड़े बाबुओ पारदर्शिता के साथ लिस्ट तैयार कर तबादला कीया जाना चाहिए। जिससे कलेक्टर कार्यालय व उच्चाधिकारी तहसील स्तर पर लंबित मामलों के त्वरित निपटान के लिए कड़े कदम उठेंगे साथ ही भ्रष्टाचार में कमी, राजस्व विभाग के सभी कार्यों में कुशलता और राजस्व की हर सेवाएं में पारदर्शिता सीधे-सीधे आम लोगों को मिलेगी। ग्रामीण अंचल सहित आम व्यक्ति जिन्हें न तो राजनीती से कोई लेना देना हैं और न ही निजी लाभ से कोई लेना देना हैं वैसे हर वर्गों में सवाल उठ रहा हैं कि पटवारियों के बाद क्या राजस्व विभाग के बाबुओं पर भी तबादले की कार्रवाई की जाएगी या नहीं यह देखने वाली बात हैं।
































