स्टेम लर्निंग पहल से छात्रों को प्रयोगात्मक शिक्षा, फार्मूले समझना होगा आसान

अम्बिकेश गुप्ता

कुसमी। विद्यार्थियों को विज्ञान और गणित विषय को आसान व प्रयोगात्मक तरीके से समझाने के उद्देश्य से सीएसआर मद से कुसमी क्षेत्र के पांच हायर सेकेंडरी स्कूलों में “स्कूल स्टेम लर्निंग” कार्यक्रम के तहत मिनी साइंस सेंटर स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों के माध्यम से छात्र-छात्राएं विज्ञान और गणित के सूत्रों को प्रयोग के जरिए आसानी से समझ सकेंगे।

मिनी साइंस सेंटर में माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों के लिए प्रसिद्ध वैज्ञानिकों के नियमों और सिद्धांतों को व्यवहारिक रूप से समझाने के लिए लैब की स्थापना की गई है। इससे विद्यार्थी केवल सैद्धांतिक पढ़ाई तक सीमित न रहकर प्रयोग के माध्यम से विषय को बेहतर ढंग से समझ पाएंगे। एक बार प्रयोग के जरिए समझने के बाद सूत्र लंबे समय तक याद रहेंगे, जो उनकी पढ़ाई में काफी सहायक साबित होंगे।

यह मिनी साइंस सेंटर कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल कुसमी, बालक हायर सेकेंडरी स्कूल कुसमी, रामेश्वर गहीरा गुरु आश्रम हायर सेकेंडरी स्कूल श्रीकोट, हायर सेकेंडरी स्कूल कोरंधा और हायर सेकेंडरी स्कूल सामरी में स्थापित किए गए हैं। इसका उद्घाटन शुक्रवार को स्थानीय कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल कुसमी में किया गया।

उद्घाटन कार्यक्रम में हिंडालको बॉक्साइट माइंस, खान प्रभाग सामरी के महाप्रबंधक संजय पारधी, बीईओ कुसमी मनोज गुप्ता, एबीईओ नंद कुमार गुप्ता, प्राचार्य बासु राम किंडो, कंचन कुसुम, चिंताराम भगत, संबंधित विद्यालयों के विज्ञान एवं गणित विषय के शिक्षक, हिंडालको के सीएसआर प्रमुख विजय प्रकाश मिश्रा, ग्रामीण विकास अधिकारी कल्पना दास सहित कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल के शिक्षक शिक्षिकाओं के साथ छात्राएं उपस्थित रहीं।

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