

अम्बिकेश गुप्ता
कुसमी। बलरामपुर - रामानुजगंज जिला के विकासखंड कुसमी अंतर्गत कोरंधा थाना क्षेत्र के हंसपुर गांव में हुए बहुचर्चित आदिवासी ग्रामीण हत्याकांड के मामले में मंगलवार को एक बार फिर माहौल तनावपूर्ण हो गया। मामले के मुख्य आरोपी, निलंबित पूर्व एसडीएम करुण कुमार डहरिया को पुलिस तीन दिन के रिमांड पर लेकर जब हंसपुर गांव पहुंची, तो पहले से आक्रोशित ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा।
घटना की जानकारी मिलते ही गांव में बड़ी संख्या में ग्रामीण, विशेषकर महिलाएं, एकत्र हो गईं। जैसे ही आरोपी को गांव लाए जाने की सूचना फैली, लोगों ने जोरदार विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया। “फांसी दो” और “मुर्दाबाद” जैसे नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा, जिससे स्थिति तेजी से तनावपूर्ण हो गई। स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब आक्रोशित भीड़ पुलिस काफिले तक पहुंच गई। ग्रामीणों ने दो वाहनों को रोक लिया और विरोध जताया। हालांकि उन वाहनों में आरोपी मौजूद नहीं था, फिर भी भीड़ का गुस्सा कम नहीं हुआ। कुछ समय के लिए पुलिस और ग्रामीणों के बीच झूमाझटकी जैसी स्थिति भी निर्मित हो गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
हालात को बिगड़ते देख पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जांच की आवश्यक प्रक्रिया को जल्द पूरा किया और वहां से निकलना ही उचित समझा। मौके पर मौजूद एसडीओपी कुसमी आशीष कुंजाम सहित अन्य अधिकारियों ने संयम बरतते हुए ग्रामीणों को समझाइश दी और स्थिति को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आरोपी को केवल जांच प्रक्रिया के तहत घटनास्थल लाया गया था और नियमानुसार उसे वापस जेल भेजा जाएगा। साथ ही ग्रामीणों से शांति बनाए रखने और पुलिस जांच में सहयोग करने की अपील भी की गई।
इस दौरान कुछ स्थानों पर वाहनों में तोड़फोड़ की आशंका भी बनी रही, लेकिन पुलिस की सतर्कता और अधिकारियों की सूझबूझ से स्थिति को और अधिक बिगड़ने से रोक लिया गया।
































