


नई दिल्ली। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तंखा ने मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ दायर मानहानि का मामला सुप्रीम कोर्ट से वापस ले लिया है। यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट द्वारा मामले पर पुनर्विचार करने के आग्रह के बाद लिया गया। विवेक तंखा ने अदालत को औपचारिक रूप से सूचित कर दिया कि वे इस केस को आगे नहीं बढ़ाना चाहते।
वरिष्ठ अधिवक्ताओं को जताया आभार
विवेक तंखा ने अपने इस फैसले के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल, महेश जेठमलानी, सुमर सोढ़ी और धीरेंद्र परमार का विशेष रूप से आभार जताया। उन्होंने कहा कि इन सभी की मध्यस्थता और सकारात्मक प्रयासों से यह मामला सौहार्दपूर्ण तरीके से सुलझाने का मार्ग प्रशस्त हुआ। सूत्रों के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों को सावधानीपूर्वक विचार करने और अनावश्यक टकराव से बचने का संकेत दिया था।
मामला और राजनीतिक संदर्भ
यह मानहानि प्रकरण लंबे समय से चर्चा में था और शिवराज सिंह चौहान के एक बयान से जुड़ा था, जिसे लेकर विवेक तंखा ने अपनी छवि धूमिल होने का आरोप लगाया था। यह मामला निचली अदालतों से सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा और राजनीतिक रूप से भी काफी ध्यान आकर्षित किया।
































