

छत्तीसगढ़ विधानसभा में गुरुवार को पीएम ग्राम सड़क योजना भुगतान विवाद को लेकर जोरदार हंगामा देखने को मिला। प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष ने आरोप लगाया कि वर्ष 2023 में बिना बजट प्रावधान के 228 करोड़ रुपये के काम कराए गए और बाद में नई सरकार ने 139 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान कर दिया। इस पर विपक्ष ने सीबीआई या विधानसभा समिति से जांच की मांग की।
विधायक जनक ध्रुव ने जीएसटी परफॉर्मेंस सिक्योरिटी से जुड़े भुगतान का मुद्दा उठाते हुए पूछा कि किन ठेकेदारों को कब और कितनी राशि दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले भी इस विषय पर स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई और सदन को गुमराह किया गया।
इस पर उप मुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा ने जवाब देते हुए कहा कि पिछली सरकार के दौरान 228 करोड़ रुपये का भुगतान विभिन्न मदों में किया गया था। उन्होंने माना कि उस समय बजट में प्रावधान नहीं था, लेकिन टेंडर जारी कर काम शुरू किया गया और बाद में भुगतान किया गया।
पीएम ग्राम सड़क योजना भुगतान विवाद पर आगे बोलते हुए विजय शर्मा ने कहा कि नई सरकार बनने के बाद वित्त विभाग से अनुमति लेकर कुछ बकाया राशि का भुगतान किया गया है। साथ ही उन्होंने विभागीय जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
वहीं विधायक द्वारकाधीश यादव और देवेंद्र यादव ने मामले को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच और समयसीमा तय करने की मांग की।
सरकार ने फिलहाल पीएम ग्राम सड़क योजना भुगतान विवाद में विभागीय जांच का भरोसा दिलाया है, जबकि विपक्ष सीबीआई जांच की मांग पर अड़ा हुआ है।

































