


रायपुर: छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले से एक अनोखी शादी का मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को चौंका दिया है। 24 मार्च को एक युवक ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ एक ही मंडप में दो युवतियों के साथ सात फेरे लिए। इस विवाह में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए और पूरे उत्साह के साथ समारोह मनाया गया।
जानकारी के अनुसार, दूल्हा हितेश यादव का पिछले तीन वर्षों से दोनों युवतियों के साथ प्रेम संबंध था और दोनों इस बात से परिचित थीं। खास बात यह रही कि यह विवाह तीनों परिवारों की आपसी सहमति से संपन्न हुआ, जिसे गांव के समाज ने भी स्वीकार कर लिया।शादी से पहले हल्दी की रस्म 23 मार्च को निभाई गई, जबकि 24 मार्च को विधिवत विवाह हुआ। युवक ने बाकायदा शादी का कार्ड छपवाया था, जिसमें दोनों दुल्हनों के नाम शामिल थे। विवाह के बाद आयोजित समारोह में दूल्हा और दोनों दुल्हनों ने डीजे की धुन पर जमकर डांस किया, वहीं ग्रामीणों ने भी इस अनोखे विवाह का जश्न मनाया।दूल्हा हितेश यादव, पिता गजेंद्र यादव, निवासी बेलगांव (फरसगांव) है। पहली दुल्हन फुलमति शंकरपुर (फरसगांव) की निवासी है, जबकि दूसरी दुल्हन यामिनी बनियागांव (धनोरा), कोंडागांव की रहने वाली है।
हालांकि, इस तरह की शादी विरले ही देखने को मिलती है। इस घटना ने एक बार फिर परंपरा और कानून के बीच बहस छेड़ दी है। हिंदू विवाह अधिनियम के तहत एक व्यक्ति एक समय में दो विवाह नहीं कर सकता, जब तक कि पहली पत्नी से विधिवत तलाक न लिया गया हो।

































