


सूरजपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की वर्चुअल उपस्थिति एवं पूर्व गृह मंत्री एवं वन विकास निगम के अध्यक्ष राम सेवक पैकरा के मुख्य आतिथ्य में आज सूरजपुर जिले में हिंदू, मुस्लिम एवं ईसाई समाज के 250 जोड़ों का मुख्यमंत्री कन्या विवाह समारोह भव्य रूप से संपन्न हुआ। कार्यक्रम में विधायक भूलन सिंह मरावी, जिला पंचायत अध्यक्ष चंद्रमणि पैकरा, जनपद अध्यक्ष स्वाती संत सिंह, कलेक्टर ल एस जयवर्धन, जिला पंचायत सीईओ विजेंद्र सिंह पाटले एवं अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सभी नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान किया और उनके उज्ज्वल, सुखमय एवं मंगलमय दांपत्य जीवन की कामना की। उन्होंने कहा कि पहले माता-पिता को बच्चों की शादी को लेकर भारी आर्थिक चिंता रहती थी, कई बार उन्हें जमीन बेचनी या ऋण लेना पड़ता था, लेकिन अब मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के माध्यम से शासन द्वारा 50 हजार रूपये की आर्थिक सहायता और विवाह का संपूर्ण आयोजन किया जा रहा है, जिससे गरीब और कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिली है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री से संवाद करते हुए सूरजपुर के हितग्राहियों ने योजना के लिए आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से उपस्थित महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि शासन राज्य के कमजोर परिवारों की बेटियों की जिम्मेदारी उठा रहा है ताकि उनके माता पिता को उनकी शादी को लेकर कोई चिंता न रहे। उन्होंने कहा कि विवाह के बाद नव दंपत्तियों की जिम्मेदारियां बढ़ जाती हैं, इसलिए उन्हें शासन की अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेकर खुशहाल जीवन की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ बनाने के लिए भी सभी परिवारों से सहयोग की अपील की।
जिले में आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि रामसेवक पैकरा ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना एक अत्यंत सराहनीय और संवेदनशील योजना है, जो गरीब परिवारों को उचित आयु में सम्मानजनक विवाह का अवसर प्रदान कर रही है। उन्होंने नवविवाहित जोड़ों से शासन की कल्याणकारी एवं रोजगारोन्मुख योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भर बनने, तरक्की करते हुए जीवन में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
इस अवसर पर विधायक भूलन सिंह मरावी ने कहा कि यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है। शासन एवं जिला प्रशासन के इस सामूहिक प्रयास से माता-पिता अपने बच्चों का विवाह सम्मानपूर्वक संपन्न कर पा रहे हैं।उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह आयोजन राज्यभर में बड़े उत्साह और उल्लास के साथ किया गया, जिसके अंतर्गत पूरे प्रदेश में 6412 जोड़े विवाह बंधन में बंधे। इस ऐतिहासिक आयोजन को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया।































