सिरसा. हरियाणा के बिजली मंत्री अनिल विज ने सिरसा में कष्ट निवारण समिति की बैठक में डेढ़ साल से चल रहे 31 पेड़ कटाई की शिकायत मामले में दो अफसरों को लापरवाही बरतने पर सस्पेंड कर दिया। इसमें एक जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता विजय ढांडा और दूसरे वन विभाग कटाई के रेंज आफिसर सुंदर संधू है।

विज ने अपने फैसले के खिलाफ दोनों को कोर्ट में जाने का सुझाव भी दे दिया। गांव कालुआना के ग्रामीणों ने 9 अप्रैल 2023 को गांव के जलघर से पेड़ काटने की शिकायत दी थी। इस शिकायत पर 25 मई 2024 को कष्ट निवारण समिति की बैठक में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए। लेकिन ग्रामीणों ने कहा कि युवाओं को इसमे झूठा फंसाया जा रहा है। विज ने पिछली मीटिंग में चर्चा की तो पता चला कि 51 पेड़ों के अनुमति के अतिरिक्त 31 पेड़ काटे गए हैं। इसका खुलासा होने पर विज ने एडीसी की अध्यक्षता में डीएसपी और जिला वन मंडल अधिकारी को शामिल करके जांच कमेटी का गठन किया।

एडीसी ने जांच रिपोर्ट में बताया कि पेड़ 12 से 13 काटे गए है। बाकी झाड़ियां थी। विज ने जनस्वास्थ्य विभाग के जलघर द्वारा अपनी संपत्ति की देखभाल ना करने और वन विभाग के रेंज आफिसर द्वारा जांच रिपोर्ट में इसका जिक्र ना करने पर सख्ती दिखाते हुए दोनों अधिकारियों को सस्पेंड करने के आदेश दिए। साथ ही लेबर ठेकेदार द्वारा झूठा शपथ पत्र देने पर उसके खिलाफ भी कारवाई के निर्देश दिए।

विज ने पीडब्लूडी से आरओबी की मांगी रिपोर्ट
मीटिंग के दौरान अनिल विज ने हिसार के उकलाना में बनाए जा रहे आरओबी को लेकर पीडब्लूडी के अधिकारियों से इस प्रोजेक्ट के बारे में पूछा। विज ने कहा कि आरओबी के चलते तंग गलियों से लोग गुजर रहे हैं। पीडब्लूडी के अधिकारियों से पूछा कि ये कौन सा साल चल रहा है।

अधिकारी ने जवाब दिया कि 2026, विज ने कहा कि उकलाना के हालात देखकर मुझे तो 1946 लग रहा है। विज ने डीसी शांतनु शर्मा से पूछा कि डीसी साहब आप चंडीगढ़ किधर से जाते हो। डीसी ने जवाब दिया कि मैं तो पंजाब से जाता हूं। विज ने पीडब्लूडी के अधिकारियों से कहा कि मैं कहीं पर भी किसी भी जिले की रिपोर्ट ले सकता हूं। आरओबी की संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट लेकर मुझे भेजो।

वहीं, पत्रकारों से बातचीत में विज ने कहा कि प्रदेश में रोडवेज के बेड़े में जल्द ही नई बसों को शामिल किया जाएगा और बसों में ट्रैकिंग सिस्टम लागू किया जाएगा। ट्रैकिंग सिस्टम लागू होने से बसों की सटीक लोकेशन यात्रियों को मिलती रहेगी। आम आदमी एप के जरिए भी बसों की लोकेशन ट्रेस कर सकेंगे। इसके अलावा बस अड्डों पर स्क्रीन भी लगाई जाएगी, जिससे यात्रियों को बस के बारे में पूरी जानकारी मिलेगी।

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