

श्योपुर। श्रद्धा की यात्रा एक दर्दनाक हादसे में बदल गई जब वैष्णो देवी दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं की अर्टिगा कार राजस्थान के अलवर जिले में आग की चपेट में आ गई। इस भीषण दुर्घटना में एक ही परिवार सहित 7 लोगों की मौत हो गई, जिससे पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई है।
चलती कार में अचानक भड़की आग पलभर में सब कुछ हुआ राख
यह दर्दनाक हादसा राजस्थान के अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ थाना क्षेत्र के पास हुआ। जानकारी के अनुसार श्योपुर जिले के नागदा गांव निवासी चालक विनोद श्रद्धालुओं को लेकर वैष्णो देवी दर्शन के लिए गया था और लौटते समय यह हादसा हो गया।बताया जा रहा है कि अचानक चलती कार में आग लग गई और देखते ही देखते आग ने पूरी गाड़ी को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी भयावह थी कि वाहन में सवार लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला।
श्रद्धालुओं की जान बचाने की कोशिशें नाकाम राहगीरों ने पहुंचाई मदद
हादसे के बाद मौके पर अफरा तफरी मच गई। स्थानीय राहगीरों ने किसी तरह चालक विनोद को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया। बाद में उसे जयपुर रेफर किया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया।कार में सवार अन्य सभी श्रद्धालु आग की लपटों में बुरी तरह झुलस गए और मौके पर ही या अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
मृतकों की पहचान एक ही परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
इस हादसे में जान गंवाने वाले सभी लोग श्योपुर जिले के निवासी थे।
मृतकों के नाम इस प्रकार हैं
- विनोद – चालक
- पार्वती – उम्र 55 वर्ष, सास
- संतोष आदिवासी – उम्र 35 वर्ष
- बबली दयावाली – उम्र 30 वर्ष, पत्नी
- रागिनी कुशवाह – उम्र 12 वर्ष, पुत्री
- साक्षी कुशवाह – उम्र 6 वर्ष, पुत्री
एक ही परिवार के कई सदस्यों की मौत ने पूरे क्षेत्र को गहरे सदमे में डाल दिया है।
श्रद्धा की यात्रा से लौटा परिवार, घर पहुंचने से पहले ही खत्म हो गई जिंदगी
वैष्णो देवी के दर्शन कर लौट रहा यह परिवार खुशियों के साथ घर वापसी कर रहा था, लेकिन रास्ते में हुई इस भीषण दुर्घटना ने सब कुछ खत्म कर दिया। यात्रा का यह अंतिम पड़ाव पूरे परिवार के लिए जीवन का सबसे बड़ा दर्द बन गया।
इलाके में शोक का माहौल प्रशासनिक जांच की उम्मीद
इस दर्दनाक हादसे के बाद श्योपुर और आसपास के क्षेत्रों में शोक की स्थिति है। स्थानीय प्रशासन ने घटना की जानकारी जुटाना शुरू कर दिया है और हादसे के कारणों की जांच की संभावना जताई जा रही है।यह घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा और वाहन की तकनीकी जांच को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।
































