पटियाला. पंजाब सरकार ने राज्य में संशोधित न्यूनतम वेतन (डीसी रेट) को लागू करने के आदेश जारी कर दिए हैं। इसके तहत सरकारी विभागों में आउटसोर्स पर काम करने वाले कर्मचारियों के साथ-साथ निजी क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों के वेतन में बढ़ोतरी होगी। लुधियाना सहित प्रदेश के सभी जिलों में डीसी रेट सितंबर 2025 में संशोधित किए गए थे, लेकिन अब लेबर डिपार्टमेंट की मंजूरी के बाद इन्हें एक सितंबर 2025 से बैकडेट लागू कर दिया गया है। इससे लाखों कर्मचारियों को सितंबर से अब तक का एरियर भी मिलेगा।

संशोधित दरों के अनुसार महंगाई भत्ते में वृद्धि के कारण कर्मचारियों के मासिक वेतन में करीब ₹336 से ₹439 तक की बढ़ोतरी हुई है। डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने बताया कि सभी सरकारी विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे आउटसोर्स और डीसी रेट पर कार्यरत कर्मचारियों को बकाया राशि का भुगतान करें, वहीं निजी संस्थानों को भी इन दरों का पालन करना अनिवार्य होगा।

नए रेट के तहत अनस्किल्ड कर्मचारियों का वेतन ₹11,389 से बढ़कर ₹11,726, सेमी-स्किल्ड का ₹12,169 से ₹12,506, स्किल्ड का ₹13,066 से ₹13,403 और हाई-स्किल्ड कर्मचारियों का वेतन ₹14,098 से बढ़कर ₹14,435 कर दिया गया है। इसके अलावा सरकारी विभागों और बोर्डों में आउटसोर्स स्टाफ की विभिन्न कैटेगरी में भी वेतन में इजाफा किया गया है।

कृषि क्षेत्र से जुड़े अकुशल श्रमिकों के वार्षिक वेतन में भी सीधी बढ़ोतरी की गई है, जिससे उनका सालाना वेतन अब ₹79,107 से अधिक हो गया है। वहीं ईंट-भट्टा मजदूरों के पीस रेट में भी लगभग ₹28 प्रति हजार ईंट की वृद्धि दर्ज की गई है। प्रशासन ने साफ किया है कि कोई भी सरकारी या निजी संस्था तय डीसी रेट से कम वेतन नहीं दे सकती। नियमों का उल्लंघन करने या साप्ताहिक छुट्टी न देने पर संबंधित संस्थान के खिलाफ श्रम कानूनों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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