Surguja: सरगुजा जिले में टोनही प्रताड़ना का मामला सामने आया है. यहां उदयपुर इलाके में एक महिला को जादू टोना करने वाली बताकर दो महिलाओं ने ही प्रताड़ित किया और उसके साथ मारपीट की. उसने पूरे मामले की शिकायत उदयपुर थाने में लिखाई और जब कार्रवाई नहीं हुई तो सरगुजा पुलिस अधीक्षक के नाम पर भी आवेदन दिया.

सरगुजा में महिला को जादू-टोने वाली बताकर की मारपीट
इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की लेकिन अब तक इस मामले में तो टोनही प्रताड़ना अधिनियम के तहत अपराध दर्ज नहीं किया गया है, पुलिस ने फिलहाल इस पूरे मामले में आरोपियों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की है. इस कार्रवाई से नाराज होकर पीड़िता महिला आज फिर एक बार पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची और कड़ी कार्रवाई की मांग की. महिला का कहना है कि इस घटना के बाद से वह खुद को अपमानित महसूस कर रही है, क्योंकि सीधे तौर पर उसके ऊपर टोनही होने का आरोप लगाकर मारपीट और गाली गलौज किया गया है.

अंबिकापुर पहुंची पीड़िता महिला ने बताया कि आज से करीब 2 महीना पहले वह अपने घर में काम कर रही थी तभी उसकी पड़ोस की दो महिलाएं उसके घर पहुंची तब एक महिला कुल्हाड़ी ली हुई थी. वह उसे मारना चाहती थी और गाली गलौज कर रही थी. इसी दौरान दोनों महिलाओ ने पीड़िता पर आरोप लगाया कि वह जादू टोना करती है और इसकी वजह से वे परेशान हैं. इसके बाद दोनों महिलाये पीड़िता के बाल को पकडकर घसीटते हुए अपने घर ले गईं, जहां पहले से दो बैगा मौजूद थे. इसके बाद उनके सामने पीड़िता को जबरदस्ती बैठा दिया गया और फिर किसी तरीके से महिला वहां से भाग कर अपने घर आई.

शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं, पीड़िता ने एसपी से लगाई गुहार
पीड़िता ने परिवार वालों को घटना की पूरी जानकारी दी. इसके बाद पूरी घटना की रिपोर्ट दिखाने के लिए परिवार के लोग उदयपुर थाना पहुंचे लेकिन यहां कोई कार्रवाई नहीं हुई तब उन्होंने पुलिस अधीक्षक को आवेदन दिया और फिर जांच शुरू हुई लेकिन पीड़िता महिला का आरोप है कि उदयपुर थाना के पुलिस वालों ने उसके आवेदन पर उचित कार्रवाई नहीं किया है. इस पर वह फिर से पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची हुई है, जहां उसने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की और अपनी बात रखी. इस पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने सीधे उदयपुर थाना प्रभारी से बात कर कार्रवाई के निर्देश दिए. इस पर पता चला कि इस मामले के दो आरोपी महिलाओं के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है, हालांकि पीड़िता का कहना है कि यह कार्रवाई पर्याप्त नहीं है और उनके खिलाफ छत्तीसगढ़ टोनही प्रताड़ना अधिनियम के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए.

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