
बलरामपुर: बलरामपुर जिले के राजपुर जनपद क्षेत्र के ग्राम झींगों के ग्रामीणों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-343 (NH-343) के 62 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर जिला प्रशासन से निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच की मांग की है। ग्रामीणों ने इस संबंध में कलेक्टर बलरामपुर-रामानुजगंज को ज्ञापन सौंपकर सड़क निर्माण में उपयोग की जा रही CT-SB लेयर की तकनीकी गुणवत्ता, सीमेंट की निर्धारित मात्रा और निर्माण से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर पूर्व में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व (SDM) राजपुर को दो बार ज्ञापन दिया जा चुका है, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई शुरू नहीं हुई है। इसके बाद ग्रामीणों ने जिला स्तर पर मामले में हस्तक्षेप कर स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।
CT-SB लेयर में सीमेंट की मात्रा की जांच की मांग
ज्ञापन में ग्रामीणों ने विशेष रूप से CT-SB लेयर में निर्धारित मात्रा में सीमेंट के उपयोग की तकनीकी जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार, यदि संबंधित Specification, DPR अथवा BOQ में CT-SB के लिए 2.1 प्रतिशत सीमेंट निर्धारित है, तो उसी मानक के आधार पर निर्माण सामग्री का परीक्षण कराया जाना चाहिए।
ग्रामीणों ने CT-SB के नमूने लेकर किसी मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला में परीक्षण कराने तथा निर्माण कार्य से स्वतंत्र बाहरी तकनीकी टीम से पूरे 62 किलोमीटर सड़क की जांच कराने की मांग की है। इसके अलावा CT-SB प्लांट का निरीक्षण और उससे संबंधित रिकॉर्ड की भी जांच किए जाने की मांग रखी गई है।
ठेकेदार से बातचीत की रिकॉर्डिंग जांच के घेरे में
ज्ञापन में ग्रामीणों ने यह भी बताया है कि CM हेल्पलाइन में की गई शिकायत के बाद संबंधित ठेकेदार से हुई बातचीत की मूल रिकॉर्डिंग उनके पास सुरक्षित है। ग्रामीणों के मुताबिक बातचीत में कुछ अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के संबंध में भी कथन किए गए हैं।हालांकि ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि वे रिकॉर्डिंग में कही गई बातों को स्वयं सत्य अथवा असत्य नहीं मान रहे हैं। उनका कहना है कि रिकॉर्डिंग का निष्पक्ष सत्यापन कराया जाना चाहिए और यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता प्रमाणित होती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
सात दिन में जांच शुरू करने की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि उपलब्ध रिकॉर्डिंग की जांच, सड़क निर्माण की स्वतंत्र तकनीकी जांच, CT-SB के नमूनों का लैब परीक्षण और CT-SB प्लांट का निरीक्षण कराया जाए। साथ ही जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट ग्रामवासियों को उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है।
ज्ञापन में कहा गया है कि आवेदन प्राप्त होने के सात दिवस के भीतर जांच एवं आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ नहीं होने पर ग्रामवासी सक्षम प्रशासनिक अधिकारियों को पूर्व सूचना देकर शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से वैधानिक विरोध कार्यक्रम पर विचार करेंगे। इनमें धरना-प्रदर्शन और चक्काजाम जैसे कार्यक्रम शामिल हो सकते हैं।
ग्रामीणों ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति, अधिकारी या जनप्रतिनिधि पर पूर्व से आरोप लगाना नहीं है, बल्कि सड़क निर्माण कार्य और उपलब्ध रिकॉर्डिंग की निष्पक्ष जांच के माध्यम से वास्तविक तथ्य सामने लाना है।




















