पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर अब भारत के आम उपभोक्ताओं तक पहुंचने लगा है. देश की प्रमुख निजी ईंधन कंपनी Nayara Energy ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है. कंपनी ने पेट्रोल के दाम में 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 3 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया है. इस फैसले से आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ने की आशंका है, जबकि बाजार में पहले से महंगाई का दबाव बना हुआ है

कीमतों में बढ़ोतरी का असर

नई दरों के अनुसार भोपाल में पेट्रोल की कीमत 106.74 रुपये से बढ़कर 111.74 रुपये प्रति लीटर हो गई है. वहीं डीजल 91.86 रुपये से बढ़कर 94.86 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है. इस अचानक वृद्धि से आम उपभोक्ताओं में नाराजगी देखी जा रही है. कई लोगों का कहना है कि वे अब सरकारी तेल कंपनियों के पेट्रोल पंपों को प्राथमिकता देंगे, जहां कीमतें अपेक्षाकृत स्थिर रहती हैं.

नायरा एनर्जी (Nayara Energy) देश की दूसरी सबसे बड़ी सिंगल-साइट रिफाइनरी वाडिनार का संचालन करती है, जिसकी सालाना क्षमता 20 मिलियन टन है. कंपनी के देशभर में 6500 से ज्यादा पेट्रोल पंप हैं. पहले यह कंपनी Essar Oil के नाम से जानी जाती थी, जिसे 2017 में Rosneft और अन्य निवेशकों ने खरीदा था.

35 दिन बंदी की तैयारी

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी अप्रैल की शुरुआत से करीब 35 दिनों के लिए अपने संचालन को अस्थायी रूप से बंद करने की योजना बना रही है. यदि ऐसा होता है तो भारत की कुल रिफाइनिंग क्षमता का लगभग 8 प्रतिशत हिस्सा प्रभावित हो सकता है. इससे बाजार में आपूर्ति को लेकर चिंताएं और बढ़ सकती हैं, हालांकि कंपनी की ओर से इस पर आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.

सरकार ने दिया भरोसा

सरकार ने साफ किया है कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कोई कमी नहीं है. पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि सभी रिफाइनरी पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और पर्याप्त भंडार मौजूद है. सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराकर ईंधन की खरीदारी न करें.

Leave a reply

Please enter your name here
Please enter your comment!