


सूरजपुर: गणतंत्र दिवस पर जिला स्तरीय कार्यक्रम में, हर बच्चे को बेहतर शिक्षा का अधिकार मिले और उसका बचपन सुरक्षित रहे इसी उद्देश्य को लेकर कस्तूरबा विद्यालय, सूरजपुर की छात्राओं द्वारा एक भावनात्मक नृत्य-नाटिका का मंचन किया गया। कस्तूरबा विद्यालय की इस नृत्य-नाटिका ने शिक्षा, बचपन और सामाजिक जिम्मेदारी की कहानी को जीवंत रूप में प्रस्तुत कर कार्यक्रम को प्रेरणादायक और सार्थक बना दिया।
प्रस्तुति के माध्यम से “बचपन बचाओ–बालश्रम मिटाओ” की प्रभावी थीम को शिक्षा के महत्व से जोड़ते हुए समाज को जागरूक करने का प्रयास किया गया।नृत्य-नाटिका में छात्राओं ने यह दर्शाया कि बालश्रम बच्चों के सपनों को कुचल देता है, जबकि शिक्षा उन्हें उज्ज्वल भविष्य की ओर ले जाती है। मंच पर बचपन की मासूमियत, कठिन परिस्थितियों और शिक्षा से मिलने वाली नई उम्मीद को कलात्मक अभिव्यक्ति के साथ प्रस्तुत किया गया, जिसने दर्शकों को भावुक कर दिया।
प्रस्तुति ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि हर बच्चा स्कूल में होना चाहिए, न कि श्रम में। शिक्षा ही वह माध्यम है जिससे बच्चों का बचपन सुरक्षित रह सकता है और समाज को एक सशक्त दिशा मिल सकती है। छात्राओं का आत्मविश्वासपूर्ण अभिनय और भाव-भंगिमाएं नारी सशक्तिकरण के साथ-साथ बाल अधिकारों की भी सशक्त आवाज बनीं।































