


पटना। बिहार में अब बढ़ते क्राइम रेट को लेकर हल्ला मचा हुआ है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव लगातार प्रदेश के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार पर हमला बोल रहे हैं। हालांकि, इस मामले में सरकार की ओर से एनडीए के नेताओं के अलावा बिहार पुलिस ने भी पलटवार किया है।
बहरहाल, बढ़ते अपराध को लेकर तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को भी हमला बोलने का क्रम जारी रखा। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से 117 आपराधिक घटनाओं की सूची जारी की।इस क्राइम बुलेटिन के साथ उन्होंने पोस्ट में लिखा- अपराधियों की सरकार, अपराधियों के लिए। चंद दिनों में सैकड़ों हत्याएं होने के बावजूद मुख्यमंत्री के मुंह से ध्वस्त कानून व्यवस्था पर एक शब्द नहीं निकलता है।
तेजस्वी यादव ने अपनी इस ताजा पोस्ट में एनडीए की सरकार से अपराधियों के गठजोड़ का आरोप लगाते हुए हमला बोला। उन्होंने बिहार में शासन को चौपट राज भी बताया।बिहार क्राइम बुलेटिन का पुलिस ने लिया संज्ञान
इधर, इससे पहले बिहार में हुई आपराधिक घटनाओं की गिनती गिनाने वाले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के एक्स पर किए गए पोस्ट का बिहार पुलिस मुख्यालय ने संज्ञान लिया है।
बिहार पुलिस ने आंकड़े जारी कर दावा किया है कि आपराधिक वारदातों के मामले में दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जा रही है।इस वर्ष एक जनवरी से सात अप्रैल तक पुलिस पर हमले के मामलों में 947 दोषियों की गिरफ्तारी की गई है। लूट के मामलों में 697 और डकैती के मामलों में 281 दोषियों को गिरफ्तार किया गया है।राज्य पुलिस मुख्यालय ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव के पोस्ट में उल्लेखित घटनाओं में से 46 घटनाओं को चिह्नित कर कहा है कि अधिसंख्य घटनाएं जनवरी से अभी तक की हैं।घटना की तिथि एवं थाना का उल्लेख नहीं है, जिसके कारण सिर्फ 46 की ही पहचान की गई है। यह सभी पैसे के लेन-देन, प्रेम-प्रसंग, जमीन विवाद आदि के कारण हुई हैं।
इन 46 कांडों में 112 दोषियों को जेल भेजा गया है। पुलिस मुख्यालय ने इस तरह के पोस्ट पर आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा है कि अनावश्यक टीका टिप्पणी से पुलिस के मनोबल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।पुलिस अपना काम पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी से कर रही है। पुलिस मुख्यालय ने कहा है कि 2022 में पूरे देश में प्रति लाख जनसंख्या के आधार पर राष्ट्रीय स्तर पर कुल अपराध की दर 258.1 है।
देश में बिहार का 21वां स्थान
बिहार में भारतीय दंड विधान के अंतर्गत प्रतिवेदित अपराध की दर 168.1 है। इस मामले में बिहार का देश में 21वां स्थान है।2021 में व्यक्तिगत दुश्मनी, विवाद, अवैध संबंधों और प्रेम प्रसंग की 1952 घटनाएं हुईं हैं, जो कुल घटी 2799 घटनाओं का 69.73 प्रतिशत है।इसी तरह 2022 में कुल आपराधिक घटनाओं 2930 में 2087 घटनाएं इन्हीं कारणों से हुईं, जो कुल घटना का 71.20 प्रतिशत है।
2023 में कुल आपराधिक घटनाओं 2862 में 2109 घटनाएं इन्हीं अपराधों से संबंधित थी, जो 73.69 प्रतिशत हैं।

































