

बलरामपुर: मकर संक्रांति के पावन अवसर पर तातापानी महोत्सव ऐतिहासिक बन गया, जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की गरिमामयी उपस्थिति में 200 नवयुगल परिणय सूत्र में बंधे। महोत्सव के दौरान 195 हिंदू एवं 05 क्रिश्चियन जोड़ों के रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह संपन्न हुए, जिससे सामाजिक एकता और आपसी सौहार्द का सशक्त संदेश समाज को मिला। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह उनके लिए अत्यंत गौरव और भावुकता का क्षण है कि आज 200 बेटियों के हाथ पीले हो रहे हैं। तातापानी महोत्सव केवल धार्मिक या सांस्कृतिक आयोजन ही नहीं है बल्कि यह सामाजिक एकजुटता, भाईचारे और समानता की भावना को भी मजबूत करती है। मुख्यमंत्री श्री साय ने नवदम्पतियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आपसी सम्मान, विश्वास और जिम्मेदारी के साथ अपने दांपत्य जीवन को सुखमय बनाएं। उन्होंने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखमय, समृद्ध और खुशहाल दांपत्य जीवन की कामना की।
सामूहिक विवाह में कई जोड़ों का विवाह हिंदू परंपरा के अनुसार विधि-विधान, मंत्रोच्चार एवं सात फेरों के साथ संपन्न हुआ। क्रिश्चियन समुदाय के 05 जोड़ों ने पादरी की उपस्थिति में एक-दूसरे के प्रति आजीवन साथ रहने का संकल्प लिया। उल्लेखनीय है कि इस विवाह योजना से निम्न वर्ग, जरूरतमंद और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए एक मजबूत संबल मिला है, जिससे वे सम्मानपूर्वक अपने बच्चों का विवाह करने में सक्षम हो पा रहे हैं।





















