

दिल्ली : न्याय में देरी कई बार व्यक्ति को मानसिक रूप से तोड़ देती है और यही दबाव उसे गलत फैसलों की ओर धकेल सकता है। ऐसा ही एक मामला राजधानी Delhi के Saket Court परिसर में सामने आया, जहां 8 अप्रैल को एक फरियादी ने कोर्ट भवन से कूदकर जान देने की कोशिश की।
बताया जा रहा है कि वह व्यक्ति अपने केस के फैसले का लंबे समय से इंतजार कर रहा था, जिससे वह बेहद निराश हो गया था।
वकीलों की तत्परता से टली बड़ी अनहोनी
घटना के दौरान मौके पर मौजूद वकीलों ने असाधारण सतर्कता और सूझबूझ का परिचय दिया। जैसे ही व्यक्ति ने छलांग लगाने की कोशिश की, वहां मौजूद लोगों ने तुरंत उसे पकड़ लिया और नीचे गिरने से बचा लिया।
करीब एक मिनट 10 सेकेंड के वीडियो में यह पूरी घटना कैद हुई है, जो अब इंटरनेट मीडिया पर तेजी से फैल रही है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे वकीलों ने जोखिम उठाकर उसकी जान बचाई।
कोर्ट परिसर में सुरक्षा और काउंसलिंग की जरूरत
इस घटना के बाद कोर्ट परिसरों में सुरक्षा इंतजामों और मानसिक स्वास्थ्य सहायता की जरूरत पर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे स्थानों पर काउंसलर की नियुक्ति होनी चाहिए, ताकि मानसिक तनाव से जूझ रहे लोगों को समय पर परामर्श मिल सके।
साथ ही, ऊंची रेलिंग और अन्य सुरक्षा उपायों को भी अनिवार्य बनाने की मांग तेज हो रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
लंबे समय से तनाव में था फरियादी
स्थानीय वकील Virender Kasana के अनुसार, संबंधित व्यक्ति लंबे समय से अपने मामले को लेकर परेशान था। उसका वकील चौथी मंजिल पर बैठता है और वहीं के आसपास यह घटना हुई।
उन्होंने बताया कि कोर्ट आने वाले कई लोग पहले से ही मानसिक दबाव में होते हैं और कभी-कभी यही तनाव उन्हें ऐसे खतरनाक कदम उठाने की ओर ले जाता है।
संवेदनशीलता और सतर्कता बनी मिसाल
इस पूरे घटनाक्रम में वकीलों की तत्परता ने एक बड़ी दुर्घटना को टाल दिया। यह घटना न केवल न्याय प्रक्रिया में तेजी की जरूरत को उजागर करती है, बल्कि यह भी बताती है कि संवेदनशीलता और समय पर उठाया गया कदम किसी की जान बचा सकता है।
































