

भोपाल: मध्य प्रदेश में ओबीसी वर्ग को उसके संवैधानिक अधिकार से वंचित किए जाने का आरोप लगाते हुए अपना दल (एस) के राष्ट्रीय महासचिव एवं मध्य प्रदेश प्रभारी आर. बी. सिंह पटेल ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सरकार कागजों में ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देने का दावा कर रही है, लेकिन व्यवहार में केवल लगभग 86 प्रतिशत पदों पर ही नियुक्तियां की जा रही हैं, जबकि शेष 14 प्रतिशत पदों को होल्ड कर रखा गया है। यह स्थिति ओबीसी समाज के साथ अन्याय और भेदभाव को दर्शाती है।
आर. बी. सिंह पटेल ने कहा कि आरक्षण किसी सरकार की कृपा नहीं, बल्कि ओबीसी समाज का संवैधानिक अधिकार है। मध्य प्रदेश में ओबीसी वर्ग की आबादी लगभग 58 प्रतिशत है, इसके बावजूद यदि उसे उसका वैधानिक आरक्षण नहीं मिल रहा है तो सामाजिक न्याय की अवधारणा अधूरी रह जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ओबीसी समाज किसी अन्य वर्ग के अधिकारों का हनन नहीं कर रहा, बल्कि केवल अपने हक की मांग कर रहा है।
उन्होंने प्रदेश की मोहन सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार का रवैया यह संकेत देता है कि वह ओबीसी वर्ग को पूर्ण 27 प्रतिशत आरक्षण देने के पक्ष में नहीं है। सरकारी भर्तियों में बार-बार नियमों और अदालती प्रक्रियाओं का हवाला देकर पदों को रोका जाना ओबीसी युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। इससे रोजगार के अवसर सीमित हो रहे हैं और समाज में असंतोष भी बढ़ रहा है।
आर. बी. सिंह पटेल ने माननीय मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामले को लेकर राज्य सरकार तत्काल स्पष्ट और मजबूत एफिडेविट दाखिल करे, ताकि ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण का लाभ सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि यदि सरकार की मंशा साफ है तो उसे कानूनी स्तर पर मजबूती से ओबीसी समाज का पक्ष रखना चाहिए।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि ओबीसी समाज को उसका पूरा आरक्षण नहीं मिला, तो यह मुद्दा केवल कानूनी नहीं रहेगा, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक आंदोलन का रूप ले सकता है। उन्होंने दो टूक कहा कि ओबीसी वर्ग अपना 27 प्रतिशत आरक्षण लेकर रहेगा और इसके लिए हर संवैधानिक व लोकतांत्रिक लड़ाई लड़ी जाएगी।





















