बलरामपुर: जिले में अवैध मादक पदार्थों के उत्पादन और खेती पर रोक लगाने के उद्देश्य से जिला दंडाधिकारी एवं कलेक्टर  राजेंद्र कटारा तथा पुलिस अधीक्षक  वैभव बैंकर द्वारा वर्चुअल बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारियों एवं संबंधित राजस्व अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार संपूर्ण जिला जिसके अंतर्गत वन क्षेत्र एवं राजस्व क्षेत्रों में सघन जांच की जाएगी, साथ ही जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों को संवेदनशील क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया गया है जहां विशेष रूप से प्राथमिकता से सघन जांच की जाएगी ताकि नशीली वस्तुओं के उत्पादन और परिवहन पर नियंत्रण किया जा सके।

जिले के सम्पूर्ण क्षेत्रों में अवैध रूप से नशीले पदार्थों के खेती की आशंका को देखते हुए विशेष निगरानी और सघन जांच के निर्देश जिला दंडाधिकारी द्वारा दिए गए है। उन्होंने कहा है कि जांच के दौरान यदि किसी भी स्थान पर अवैध मादक पदार्थों की खेती या भंडारण की पुष्टि होती है, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध विधि अनुसार कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारियों को एनसीओआरडी (NCORD) की जिला स्तरीय समिति का सदस्य नियुक्त किया गया है, जो अपने-अपने अनुभाग के सम्पूर्ण क्षेत्रों में जहां अवैध मादक पदार्थों के खेती की संभावना हो सकती है, पहचान कर निर्देशानुसार संबंधित क्षेत्रों में राजस्व ,पुलिस एवं वन विभाग की संयुक्त टीम द्वारा निरीक्षण किया जाएगा। साथ ही मादक पदार्थों यथा गांजा, अफीम, भांग अथवा अन्य किसी भी प्रकार के अवैध मादक पदार्थों की खेती, परिवहन करते पाए जाने पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाएगी।
        

कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री कटारा ने कहा कि अवैध मादक पदार्थों की खेती पर पूर्णतः रोक लगाने के लिए सभी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि निरीक्षण के दौरान राजस्व अमले के साथ वन विभाग के अमले भी वन क्षेत्रों में सघन निरीक्षण सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।

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