रायगढ़: जिले में संचालित औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों के कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए सतत निरीक्षण एवं प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। कारखाना अधिनियम 1948 के प्रावधानों का उल्लंघन पाए जाने पर प्रकरण दर्ज कर श्रम न्यायालय में प्रस्तुत नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। 

उप संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा ने बताया कि मार्च माह में श्रम न्यायालय द्वारा पारित निर्णयों में पांच औद्योगिक इकाइयों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। न्यायालय द्वारा सुरक्षा मानकों की अनदेखी को गंभीर चूक मानते हुए आर्थिक दंड लगाया गया। न्यायालय के आदेशानुसार मेसर्स सिंघल स्टील एंड पावर लिमिटेड पर 4 लाख 20 हजार रुपये, मेसर्स श्याम इस्पात (इंडिया) प्रा. लि. पर 50 हजार रुपये, मेसर्स मां काली एलॉयज उद्योग प्रा. लि. पर 25 हजार रुपये, मेसर्स सुनील इस्पात एंड पावर प्रा.लि. पर 5 लाख 90 हजार रुपये तथा मेसर्स  रूपणाधाम स्टील प्राइवेट लिमिटेड पर 8 लाख रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया गया। 

उप संचालक ने सभी औद्योगिक इकाइयों को निर्देशित किया है कि वे निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल, श्रम कानूनों एवं कार्यस्थल सुरक्षा उपायों का गंभीरता से पालन करें। लापरवाही की स्थिति में भविष्य में और कठोर कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने कहा कि श्रमिकों को सुरक्षित, संरक्षित एवं स्वस्थ कार्य वातावरण उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। नियमित निरीक्षण, जागरूकता गतिविधियों और सख्त कानूनी कार्रवाई के माध्यम से औद्योगिक दुर्घटनाओं की रोकथाम सुनिश्चित की जा रही है, ताकि श्रमिक हितों की प्रभावी सुरक्षा हो सके।

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