Sonia Gandhi Book: कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी की आगामी किताब बिलॉन्गिंग – ए जर्नी ऑफ लव रिलीज से पहले ही चर्चा में आ गई है। इस किताब के जरिए सोनिया गांधी अपने जीवन के अनुभवों और निजी सफर को पाठकों के सामने रखने जा रही हैं। किताब से जुड़े किस्से साझा करने के लिए उन्होंने सोशल मीडिया पर भी सक्रियता बढ़ाई है। मंगलवार को एक वीडियो पोस्ट करते हुए उन्होंने कहा कि किताब सामने आने पर कुछ हलचल होना तय है, क्योंकि दशकों से दूसरे लोग उनकी कहानी बताते रहे हैं और अब अपनी बात रखने की बारी उनकी है।

वीडियो में सोनिया गांधी ने क्या कहा?

सोनिया गांधी ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में अपनी किताब के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि किताब प्रकाशित होने पर कुछ तमाशा जरूर होगा। उनके मुताबिक, इतने लंबे समय तक दूसरे लोग उनकी कहानी अपने नजरिए से बताते रहे हैं, लेकिन अब वह खुद अपना पक्ष सामने रखना चाहती हैं।

उनकी इस टिप्पणी को किताब के जरिए अपने जीवन और अनुभवों को खुद बयां करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। वीडियो में सोनिया गांधी किताब के पन्ने पलटती भी नजर आती हैं।

अपने बारे में लिखी गई बातों पर उठाए सवाल

वीडियो में सोनिया गांधी से पूछा गया कि इतने सालों तक दूसरों के जरिए अपनी कहानी सामने आने के बाद उसे खुद लिखने का अनुभव कैसा रहा। इस पर उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं पता कि अपनी पूरी कहानी बतानी चाहिए या नहीं, लेकिन उनके बारे में काफी कुछ लिखा गया है और उसमें से कई बातें सही नहीं थीं।

उन्होंने बताया कि अपने बारे में लिखी गई बातों का जवाब देने और अपना नजरिया सामने रखने के लिए उन्होंने यह किताब लिखने का फैसला किया।

किताब से कुछ लोगों की राय बदलने की उम्मीद

सोनिया गांधी ने कहा कि यह पुस्तक केवल उनके विचारों का संग्रह नहीं, बल्कि उनकी जिंदगी की कहानी है। उन्होंने संभावना जताई कि किताब पढ़ने के बाद कुछ लोगों की उनके बारे में राय बदल सकती है, जबकि कुछ लोग उनसे और असहमत भी हो सकते हैं।

उनकी इस टिप्पणी से संकेत मिलता है कि किताब में वह अपने जीवन से जुड़े उन पहलुओं को सामने रखना चाहती हैं, जिन्हें लेकर सार्वजनिक चर्चा होती रही है।

बचपन से राजीव गांधी से मुलाकात तक का सफर

आगामी किताब में सोनिया गांधी के बचपन, जीवन के विभिन्न उतार-चढ़ाव और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी से उनकी मुलाकात जैसे पहलुओं का जिक्र होने की जानकारी दी गई है। इसके अलावा, राजीव गांधी के प्रधानमंत्री बनने को लेकर सोनिया गांधी की शुरुआती आपत्तियों से जुड़ी बातें भी चर्चा में हैं।

किताब 10 नवंबर को जारी होने वाली है। अब देखना होगा कि इसमें सोनिया गांधी अपने जीवन और राजनीतिक सफर से जुड़े किन अनुभवों को विस्तार से साझा करती हैं और उनकी कहानी पाठकों के सामने किस तरह आती है।

Leave a reply

Please enter your name here
Please enter your comment!