


Baba Bageshwar : बागेश्वर धाम कन्या विवाह एक बार फिर सामाजिक समरसता और सेवा की मिसाल बनने जा रहा है। करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र बागेश्वर धाम में शिवरात्रि के अवसर पर सप्तम कन्या विवाह महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर 300 जरूरतमंद बेटियां वैवाहिक बंधन में बंधेंगी। आयोजन से पहले पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने विवाह में शामिल होने वाली बेटियों की सूची जारी कर दी है।
इस बागेश्वर धाम कन्या विवाह के लिए देश के 10 राज्यों के 60 जिलों के साथ नेपाल से भी बेटियों का चयन किया गया है। चयनित 300 बेटियों में 60 अनाथ हैं, 138 पितृहीन, 28 मातृहीन और 8 दिव्यांग बेटियां शामिल हैं। इसके अलावा 23 बेटियां दिव्यांग माता-पिता की हैं, जबकि 39 बेटियां अत्यंत निर्धन परिवारों से आती हैं। यह आयोजन इन बेटियों के लिए नए जीवन की शुरुआत का अवसर बनेगा।
सूची मुंबई स्थित बागेश्वर सनातन मठ, भिवंडी से जारी की गई। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने बताया कि बागेश्वर धाम की दान पेटी में आने वाली संपूर्ण राशि गरीब, अनाथ और असहाय बेटियों के विवाह में खर्च की जाती है। उनका कहना है कि यदि देशभर के मठ और मंदिर इस तरह की पहल करें, तो कोई भी बेटी बोझ नहीं मानी जाएगी।
बताया गया कि 1 से 15 दिसंबर 2025 के बीच कन्या और वर पक्ष द्वारा सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन जमा किए गए थे। इन्हीं आवेदनों के आधार पर चयन किया गया है। इस सामूहिक विवाह में मध्य प्रदेश की 229 और उत्तर प्रदेश की 56 बेटियां शामिल होंगी, जबकि दिल्ली, हरियाणा, झारखंड, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, राजस्थान, पश्चिम बंगाल और बिहार की बेटियां भी परिणय सूत्र में बंधेंगी।






























