


मुंबई: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्षों पर आधारित फिल्म ‘शतक संघ के 100 वर्ष’ के प्रचार के लिए निकाली गई ‘शतक’ ध्वज यात्रा ने अपना पहला चरण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। यह यात्रा श्रीनगर से शुरू होकर जम्मू और लुधियाना होते हुए पंजाब तक पहुँची, जहाँ लोगों ने उत्साह और देशभक्ति के साथ इसका स्वागत किया।
यात्रा की ऐतिहासिक शुरुआत श्रीनगर के लाल चौक से हुई, जहाँ स्वतंत्रता के बाद पहली बार भगवा ध्वज लहराया गया। इस दौरान ‘वंदे मातरम्’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। बड़ी संख्या में नागरिकों की मौजूदगी ने इस पल को एकता और राष्ट्रभाव का प्रतीक बना दिया।
जम्मू में भी ध्वज यात्रा को जबरदस्त समर्थन मिला। यहाँ लोगों ने सेवा, अनुशासन और राष्ट्रनिर्माण के विचारों को आगे बढ़ाने वाली इस पहल की सराहना की। संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार और गुरुजी गोलवलकर के विचारों से प्रेरित यह यात्रा समाज को जोड़ने का संदेश देती रही।लुधियाना में यात्रा के पहले चरण का समापन हुआ, जहाँ पारंपरिक ढोल-नगाड़ों के साथ 100 बाइक्स की रैली निकाली गई। इसके साथ ही समाज सेवा में योगदान देने वाले सेवकों का सम्मान समारोह भी आयोजित किया गया।
फिल्म के निर्माता वीर कपूर ने कहा कि लाल चौक से यात्रा की शुरुआत होना उनके लिए गर्व और भावनाओं से भरा क्षण है। यह यात्रा और फिल्म संघ के सौ वर्षों की सेवा, समर्पण और एकता का उत्सव है।पैनोरमा स्टूडियो के सहयोग से निर्मित, आशिष तिवारी द्वारा सह-निर्मित और आशिष मल्ल द्वारा निर्देशित फिल्म शतक संघ के 100 वर्ष’ 19 फरवरी, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
































