

बलरामपुर: राज्य शासन के निर्देशानुसार जिले में राजस्व संबंधी समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए 1 अप्रैल 2026 से राजस्व पखवाड़ा का शुभारंभ किया गया है जिले में कलेक्टर राजेंद्र कटारा के मार्गदर्शन में जिले के तहसीलों के ग्रामों में निर्धारित तिथियों के अनुसार राजस्व पखवाड़ा आयोजित किया जा रहा है। जहां अविवादित नामांतरण, खाता विभाजन जैसे मामलों का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है।
कलेक्टर के मार्गदर्शन में राजस्व पखवाड़ा के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु ग्रामों में मुनादी कर आमजनों को राजस्व पखवाड़ा की जानकारी दी गई, जिससे बड़ी संख्या में ग्रामीण शिविर स्थलों पर पहुंच कर राजस्व समस्याएं संबंधित आवेदन दे रहे है।राजस्व पखवाड़ा के प्रथम दिवस तहसील बलरामपुर, डौरा-कोचली, राजपुर, शंकरगढ़, कुसमी, सामरी, चांदो, रामानजुगंज, रामचंद्रपुर, वाड्रफनगर, रघुनाथनगर एवं चलगली के अंतर्गत ग्रामों में शिविर आयोजित किया गया। शिविरों में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी समस्याएं संबंधित आवेदन दिया। जहां कुल 725 आवेदन प्राप्त हुए, जिसमें से 411 आवेदनों का शीघ्र निराकरण किया गया। शेष 314 आवेदनों का शीघ्र निराकरण किया जाएगा।शिविर में पहले दिन ग्रामीणों के द्वारा विभिन्न आवेदन प्रस्तुत किए जिसके अंतर्गत अविवादित नामांतरण 163, अविवादित बंटवारा 19, विवादित नामांतरण 6, विवादित बंटवारा 2, किसान किताब 19, सीमांकन के 15, त्रुटि सुधार के 27, नक्शा बटांकन के 13, आरबीसी 6-4 के 2, आय प्रमाण पत्र के 113, जाति प्रमाण पत्र के 102, निवास के 112, जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र 28, अन्य संबंधित 104 आवेदन प्राप्त हुए। जिनमें से अधिकांश आवेदनों का शिविर स्थल पर ही निराकरण किया गया।
राजस्व पखवाड़ा के अंतर्गत आयोजित पखवाड़े से आमजनों को काफी राहत मिल रही है। उन्हें अब छोटे-छोटे राजस्व कार्यों के लिए चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं, बल्कि एक ही स्थान पर उनकी समस्याओं का समाधान किया जा रहा है।
कलेक्टर राजेंद्र कटारा ने संबंधित अधिकारियों को प्राप्त सभी प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं तथा शिविरों में आने वाले प्रत्येक आवेदक की समस्या का संवेदनशीलता एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण करने को कहा है ताकि शासन की मंशा के अनुरूप आम जनता को त्वरित लाभ मिल सके।

































