

रायपुर : के पचपेड़ी नाका स्थित रामकृष्ण अस्पताल में हुआ रायपुर सीवरेज हादसा पूरे प्रदेश को झकझोर देने वाला साबित हुआ। अस्पताल परिसर के पीछे बने सीवरेज टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस के संपर्क में आने से तीन सफाईकर्मियों की मौत हो गई। यह घटना उस समय हुई जब कर्मचारी टैंक में उतरकर सफाई का काम कर रहे थे। शुरुआती जांच में ठेकेदार की गंभीर लापरवाही सामने आई है।
घटना के बाद राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष हरदीप सिंह गिल रायपुर पहुंचे और उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उनकी पीड़ा सुनी। उन्होंने मौके का निरीक्षण भी किया और बताया कि वहां कई खामियां पाई गई हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि रात के समय सफाई की अनुमति क्यों दी गई और नगर निगम को इसकी सूचना क्यों नहीं दी गई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस रायपुर सीवरेज हादसा के बाद अस्पताल प्रबंधन ने मुआवजे का ऐलान किया है। अस्पताल के प्रमुख डॉ. संदीप दवे ने बताया कि मृतकों के परिजनों को 30-30 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है। इसके अलावा परिवार के आश्रितों को हर महीने 20 हजार रुपये देने, मुफ्त इलाज की सुविधा और बच्चों की शिक्षा का पूरा खर्च उठाने का वादा किया गया है।
यह रायपुर सीवरेज हादसा एक बड़ी चेतावनी है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी कितनी खतरनाक हो सकती है। अब जरूरी है कि ऐसे मामलों में सख्त नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं से बचा जा सके।

































